ड्रैगन की जकड़ से पड़ोसियों को छुड़ाने निकले ‘जेम्सबांड’ जयशंकर

<p><em><strong>भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर मालदीव की यात्रा पर पहुंचे हैं। मालदीव में चुनाव होने वाला है और चीन पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। ऐसे में उनकी यह यात्रा बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जयशंकर का श्रीलंका भी जाने का कार्यक्रम है जो चीन के कर्ज तले तबाह हो चुका है।</strong></em></p>

ड्रैगन की जकड़ से पड़ोसियों को छुड़ाने निकले ‘जेम्सबांड’ जयशंकर
18-01-2023 - 09:47 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

भारत के दो पड़ोसी देश श्रीलंका और मालदीव इस समय चीनी ड्रैगन की जकड़ में बुरी तरह से फंस गए हैं। श्रीलंका जहां कर्ज नहीं चुका पाने के चलते डिफॉल्ट हो गया है, वहीं चीनी लोन के तले दबा मालदीव भी कराह रहा है। महासंकट की इस घड़ी में दोनों ही देश भारत की शरण में पहुंच गए हैं। यही वजह है कि भारत के विदेश मंत्री जयशंकर अब मालदीव की यात्रा पर पहुंचे हैं जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। यही नहीं, मालदीव के बाद भारतीय विदेश मंत्री श्रीलंका की यात्रा पर भी जाएंगे, जो इसको लेकर बहुत उम्मीदें लगाए बैठा है।
भारतीय विदेश मंत्री पिछले कुछ महीनों में चीन को लेकर बहुत सख्त रवैया अपनाए हुए हैं। जयशंकर अब चीन के जकड़ में बुरी तरह से फंस चुके मालदीव की यात्रा पर पहुंचे हैं। वह अगले 3 दिनों तक धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले मालदीव में रहेंगे। जयशंकर का वहां के विदेश मंत्री ने भव्य स्वागत किया। बताया जा रहा है कि इस दौरे पर जयशंकर कई समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे ताकि द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाया जा सके।
‘इंडिया आउट’ कैंपेन चला रहे यामीन
जयशंकर ऐसे समय पर मालदीव पहुंचे हैं जब मालदीव में चीन के इशारे पर ‘इंडिया आउट’ कैंपेन चलाया जा रहा है। इस कैंपेन के सूत्रधार पूर्व राष्ट्रपति यामीन हैं, जो लगातार भारत के खिलाफ जहरीले बयान दे रहे हैं। यही नहीं उनकी पार्टी के कई कार्यकर्ताओं ने भारतीय दूतावास की ओर से आयोजित योग कार्यक्रम में हिंसक प्रदर्शन किया था। मालदीव अभी चीन के कर्ज के तले दबा हुआ है और भारत ने उसे करोड़ों डॉलर की मदद दी है। यही नहीं, भारत ने कोविड के दौरान भी मालदीव की मदद की थी। जयशंकर इसी दोस्ती को और आगे बढ़ाना चाहते हैं ताकि चीन की चाल को फेल किया जा सके। जयशंकर इसके बाद श्रीलंका की यात्रा पर जाएंगे जो इस समय गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। भारत ने पिछले कुछ महीने में श्रीलंका को अरबों डॉलर की मदद भेजी है। अब श्रीलंका भारत से चाहता है कि वह अपने कर्ज को रिस्ट्रक्चर कर दे।
आईएमएफ से कर्ज के लिए श्रीलंका को भारत से जरूरत
दरअसल, श्रीलंका आईएमएफ से 2.9 अरब डॉलर का कर्ज लेना चाहता है। इसी वजह से श्रीलंका अपने कर्जदाता देशों चीन, जापान और भारत से वित्तीय आश्वासन चाहता है। आईएमएफ ने श्रीलंका को साफ कर दिया है कि अगर वह लोन चाहता है तो भारत और चीन अपने कर्ज को कम करने के लिए तैयार करे। भारत ने इसका आश्वासन दे दिया है लेकिन अभी चीन की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।