भारत ने फारस की खाड़ी से निकाले सभी LPG जहाज, होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने वाला 14वां भारतीय पोत सुरक्षित निकला
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने एक बड़ी रणनीतिक सफलता हासिल करते हुए अपने 14वें भारतीय एलपीजी (LPG) जहाज को सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पार करा लिया है। सरकारी सूत्रों ने बुधवार को बताया कि एक अंतिम जहाज अभी निगरानी में जलडमरूमध्य पार कर..
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने एक बड़ी रणनीतिक सफलता हासिल करते हुए अपने 14वें भारतीय एलपीजी (LPG) जहाज को सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पार करा लिया है। सरकारी सूत्रों ने बुधवार को बताया कि एक अंतिम जहाज अभी निगरानी में जलडमरूमध्य पार कर रहा है और उसके पूरा होते ही फारस की खाड़ी में मौजूद सभी 15 भारतीय जहाज सुरक्षित बाहर निकल जाएंगे।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “14वां एलपीजी जहाज होर्मुज पार कर चुका है। एक और जहाज अभी पार करने की प्रक्रिया में है। इसके बाद फारस की खाड़ी में मौजूद सभी 15 भारतीय जहाज सुरक्षित बाहर निकल जाएंगे। यह भारत सरकार की बहु-एजेंसी समन्वय व्यवस्था का परिणाम है।”
उन्होंने बताया कि भारतीय नौसेना ने जहाजों को आवश्यक सुरक्षा और एस्कॉर्ट सहायता प्रदान की।
दुनिया का सबसे अहम ऊर्जा मार्ग बना तनाव का केंद्र
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है। यह संकरा समुद्री रास्ता फारस की खाड़ी को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ता है और सामान्य परिस्थितियों में दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति इसी मार्ग से होकर गुजरती है।
लेकिन ईरान से जुड़े जारी संघर्ष के कारण इस क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। ईरानी अधिकारियों ने हाल में संकेत दिए हैं कि वे होर्मुज पर रणनीतिक नियंत्रण और कड़ा कर सकते हैं। इसके चलते कई देश ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित रखने के लिए नए समुद्री परिवहन विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।
भारतीय नौसेना की सक्रिय तैनाती
क्षेत्र में बढ़ते खतरे को देखते हुए भारतीय नौसेना लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए गए हैं।
भारत का यह निकासी और सुरक्षा अभियान ऐसे समय में हुआ है जब वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता तेजी से बढ़ रही है।
ट्रंप-शी जिनपिंग वार्ता में भी उठा मुद्दा
इन घटनाक्रमों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump बीजिंग पहुंचे, जहां उनकी चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के साथ अहम वार्ता होनी है। माना जा रहा है कि ईरान संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी संकट इस बैठक के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहेंगे।
चीन रवाना होने से पहले ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन को ईरान संकट सुलझाने या होर्मुज में सामान्य आवाजाही बहाल करने के लिए बीजिंग की मदद की आवश्यकता नहीं है।
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, “मुझे नहीं लगता कि हमें ईरान के मामले में किसी मदद की जरूरत है। हम इसे किसी न किसी तरह जीतेंगे, चाहे शांतिपूर्ण तरीके से या अन्य तरीके से।”
वैश्विक तेल बाजार पर असर
जारी संघर्ष का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने बुधवार को चेतावनी दी कि युद्ध और होर्मुज से जुड़ी आपूर्ति बाधाओं के कारण 2026 में वैश्विक तेल आपूर्ति में भारी गिरावट आ सकती है।
इसी आशंका के चलते ब्रेंट क्रूड तेल की कीमतें बढ़कर लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बनी हुई हैं। बाजार में यह तेजी मुख्य रूप से इस डर के कारण है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही सीमित हो सकती है।
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