केरल में कांग्रेस के मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस आज खत्म? पार्टी आज तय करेगी नया ‘क्लिफ हाउस’ निवासी
केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की प्रचंड जीत के बावजूद राज्य में पिछले एक सप्ताह से नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अब गुरुवार को इस लंबे सस्पेंस के खत्म होने की उम्मीद..
केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की प्रचंड जीत के बावजूद राज्य में पिछले एक सप्ताह से नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। UDF ने 102 सीटों के साथ शानदार बहुमत हासिल किया लेकिन 4 मई को नतीजे आने के बाद से मुख्यमंत्री के नाम पर सहमति नहीं बनने के कारण राजनीतिक गतिरोध बना रहा।
अब गुरुवार को इस लंबे सस्पेंस के खत्म होने की उम्मीद है। फिलहाल राज्य कार्यवाहक व्यवस्था के तहत चल रहा है और कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली में विचार-विमर्श के दौर को समाप्त कर अंतिम निर्णय की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुकाबला पार्टी के दो बड़े नेताओं के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई में बदल चुका है।
13 मई: परामर्श प्रक्रिया पूरी
बुधवार इस राजनीतिक नाटक का निर्णायक पूर्व अध्याय साबित हुआ। कई दिनों तक चली गुटबाजी और रणनीतिक बैठकों के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने नई दिल्ली में लगातार विचार-विमर्श किया।
मुख्य चुनौती थी..
- KC Venugopal
- VD Satheesan
- Ramesh Chennithala
इन तीनों नेताओं के समर्थक गुटों के बीच संतुलन बनाना।
बुधवार शाम कांग्रेस महासचिव Jairam Ramesh ने पुष्टि की कि परामर्श प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
IUML ने जताई नाराजगी
इस देरी को लेकर UDF की दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी Indian Union Muslim League (IUML) ने खुलकर नाराजगी जताई।
IUML नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के नाम में हो रही “अनावश्यक देरी” जनता में चुनावी जीत के बाद बने उत्साह को कमजोर कर सकती है।
इसी बीच कार्यवाहक मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan ने आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री आवास “क्लिफ हाउस” खाली कर दिया। वे पिछले एक सप्ताह से कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में काम कर रहे थे।
14 मई: आज होगा अंतिम फैसला
गुरुवार को अब पूरा घटनाक्रम तिरुवनंतपुरम स्थित केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) मुख्यालय में केंद्रित रहेगा।
दोपहर 1 बजे कांग्रेस विधायक दल (CLP) की अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक प्रस्ताव रखा जाएगा और उसे मंजूरी दी जाएगी।
कांग्रेस आलाकमान के पर्यवेक्षक..
- Ajay Maken
- Mukul Wasnik
63 कांग्रेस विधायकों से “गुप्त मतदान” और व्यक्तिगत फीडबैक लेने की प्रक्रिया की निगरानी कर रहे थे। अब वे आलाकमान की पसंद CLP बैठक में पेश करेंगे।
सतिशन बनाम वेणुगोपाल: कांटे की टक्कर
मुख्यमंत्री पद की दौड़ बेहद करीबी मानी जा रही है।
वी.डी. सतीशन की ताकत
VD Satheesan को जनता और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रिय माना जा रहा है। पिछले पांच वर्षों में विपक्ष के नेता के रूप में उनके आक्रामक प्रदर्शन ने उन्हें मजबूत दावेदार बनाया है।
केसी वेणुगोपाल की बढ़त
दूसरी ओर, KC Venugopal को नव-निर्वाचित विधायकों के बड़े वर्ग का समर्थन मिलने की खबरें हैं। उनकी पार्टी हाईकमान से करीबी भी उनके पक्ष को मजबूत करती है।
कांग्रेस के सामने रणनीतिक चुनौती
मुख्यमंत्री चयन में हो रही देरी का राजनीतिक नुकसान भी कांग्रेस को झेलना पड़ रहा है।
हार चुकी Left Democratic Front (LDF) इस मौके का इस्तेमाल करते हुए UDF को “आंतरिक रूप से बंटी हुई सरकार” बता रही है।
कांग्रेस के लिए फैसला सिर्फ चेहरे का नहीं, बल्कि अगले पांच वर्षों की राजनीतिक रणनीति का है।
यदि वेणुगोपाल चुने जाते हैं
तो उन्हें सांसद पद छोड़कर विधानसभा चुनाव लड़ना पड़ेगा, जिससे अलाप्पुझा में उपचुनाव कराना पड़ेगा।
यदि विधायकों की पसंद नजरअंदाज होती है
तो सरकार बनने के शुरुआती दौर में ही विधायक दल के भीतर असंतोष पैदा हो सकता है।
‘एकता फार्मूला’ पर नजर
आज की CLP बैठक का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य ऐसा “एकता फार्मूला” तैयार करना होगा जिससे सभी गुट संतुष्ट रहें।
पार्टी चाहे एक स्पष्ट नेता चुने या फिर शक्ति-साझेदारी का कोई मॉडल अपनाए, उसकी प्राथमिकता सप्ताहांत से पहले नई सरकार का शपथ ग्रहण कराना है।
गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे केरल और भारी जनादेश देने वाली जनता के लिए अब कार्यवाहक सरकार से पूर्णकालिक सरकार की ओर संक्रमण बेहद जरूरी माना जा रहा है।
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