आप नेता अमानतुल्ला खान ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और कहा, 'वक्फ संशोधन विधेयक अल्पसंख्यकों के अधिकारों को कमजोर करता है..!'
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता अमानतुल्ला खान ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ याचिका दायर की।
नयी दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता अमानतुल्ला खान ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ याचिका दायर की। इस विधेयक को शुक्रवार को संसद से पारित किया गया था और इसके बाद से ही इसे लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। विपक्ष ने इस बिल को "मुस्लिम विरोधी" बताया है।
वकील अदील अहमद के माध्यम से दायर अपनी याचिका में, अमानतुल्ला खान ने दावा किया है कि यह विधेयक मुस्लिम समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक स्वायत्तता को सीमित करता है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि यह कानून सरकारी हस्तक्षेप को बढ़ावा देगा और अल्पसंख्यक अधिकारों को कमजोर करेगा।
याचिका में मुख्य दलीलें:
- विधेयक के जरिए वक्फ संपत्तियों पर सरकारी नियंत्रण और हस्तक्षेप को बढ़ावा मिलेगा।
- इससे मुस्लिम समुदाय की परंपरागत धार्मिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर संकट उत्पन्न होगा।
- अल्पसंख्यकों को संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों का उल्लंघन है।
यह याचिका ऐसे समय में आई है जब इससे पहले कांग्रेस पार्टी और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर चुके हैं।
वक्फ विधेयक 2025 को 128 मतों के समर्थन और 95 विरोधी मतों के साथ संसद में पारित किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 का पारित होना एक ऐतिहासिक मोड़ (watershed moment) है। यह विधेयक उन वंचित तबकों को सशक्त करेगा जिन्हें अब तक न आवाज मिली और न अवसर।"
अब सुप्रीम कोर्ट में इस विधेयक की संवैधानिक वैधता की परीक्षा होगी, और यह देखा जाएगा कि न्यायपालिका इस पर क्या रुख अपनाती है।
यह मामला न केवल मुस्लिम समुदाय की धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा है, बल्कि देश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों और सरकार की नीतियों को लेकर भी अहम बहस छेड़ रहा है।
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