राज्य का दर्जा दिये जाने की मांग का लद्दाख में आंदोलन हिंसक, सरकार का सोनम वांगचुक पर आरोप

लेह। राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर बुधवार को लद्दाख में आंदोलन हिंसक हो गया। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई और कम से कम 80 लोग घायल हुए, जिनमें 40 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। हिंसा और आगजनी के बाद लेह में कर्फ्यू लगा..

राज्य का दर्जा दिये जाने की मांग का लद्दाख में आंदोलन हिंसक, सरकार का सोनम वांगचुक पर आरोप
25-09-2025 - 11:43 AM

लेह। राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर बुधवार को लद्दाख में आंदोलन हिंसक हो गया। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई और कम से कम 80 लोग घायल हुए, जिनमें 40 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। हिंसा और आगजनी के बाद लेह में कर्फ्यू लगा दिया गया।

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 14 दिन से चल रही अपनी भूख हड़ताल हिंसा के चलते खत्म कर दी। केंद्र सरकार ने वांगचुक को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि उनके "उत्तेजक बयानों" और कुछ "राजनीतिक रूप से प्रेरित समूहों" की वजह से यह अशांति हुई, जबकि सरकार लगातार लद्दाखी प्रतिनिधियों से बातचीत कर रही थी।

गृह मंत्रालय का पूरा बयान

  1. भूख हड़ताल की शुरुआत (10 सितम्बर 2025):
    श्री सोनम वांगचुक ने छठी अनुसूची और राज्य का दर्जा देने की मांग पर भूख हड़ताल शुरू की। जबकि भारत सरकार लगातार एपेक्स बॉडी लेह और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस से इन मुद्दों पर बातचीत कर रही थी।
  2. संवाद की प्रगति:
    • लद्दाख अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण 45% से बढ़ाकर 84% किया गया।
    • परिषदों में 1/3 महिला आरक्षण लागू किया गया।
    • भोटी और पुर्गी भाषाओं को आधिकारिक दर्जा दिया गया।
    • 1,800 भर्तियों की प्रक्रिया शुरू की गई।
  3. राजनीतिक विरोध:
    कुछ राजनीतिक रूप से प्रेरित लोग इस प्रगति से संतुष्ट नहीं थे और संवाद को कमजोर करने की कोशिश कर रहे थे।
  4. आगामी बैठकें:
    • 25 और 26 सितम्बर को नेताओं से चर्चा तय।
    • 6 अक्टूबर को उच्चस्तरीय समिति की बैठक होगी।
  5. भूख हड़ताल के दौरान बयानों पर आरोप:
    वांगचुक ने अरब स्प्रिंग और नेपाल के जनरेशन-ज़ेड आंदोलनों का हवाला देकर लोगों को गुमराह किया।
  6. हिंसा का घटनाक्रम (24 सितम्बर, सुबह 11:30 बजे):
    • भूख हड़ताल स्थल से भीड़ ने निकलकर एक राजनीतिक दल के कार्यालय और सीईसी लेह के सरकारी दफ्तर पर हमला कर आगजनी की।
    • पुलिस वाहन फूंके गए, सुरक्षा बलों पर हमला हुआ।
    • 30 से ज्यादा पुलिस/सीआरपीएफ कर्मी घायल हुए।
    • पुलिस को आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी, जिससे दुर्भाग्यपूर्ण मौतें हुईं।
  7. स्थिति नियंत्रण:
    दोपहर 4 बजे तक हालात काबू में आ गए।
  8. सरकार का आरोप:
    मंत्रालय के अनुसार भीड़ को सोनम वांगचुक ने भड़काया। हिंसा के बीच वे अपना उपवास तोड़कर एंबुलेंस से गांव चले गए, बिना हालात संभालने का प्रयास किए।
  9. सरकार का आश्वासन:
    लद्दाख की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त संवैधानिक सुरक्षा देने को प्रतिबद्ध है।
  10. अनुरोध:
    लोगों से कहा गया है कि पुराने और भड़काऊ वीडियो मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।