पहलगाम हमले पर टिप्पणी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से लखनऊ यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर को जमानत
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर की गई टिप्पणी को लेकर फंसी लखनऊ विश्वविद्यालय की सहायक प्राध्यापिका माद्री काकोटी को सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अंतरिम अग्रिम जमानत..
लखनऊ। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर की गई टिप्पणी को लेकर फंसी लखनऊ विश्वविद्यालय की सहायक प्राध्यापिका माद्री काकोटी को सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अंतरिम अग्रिम जमानत मिल गई।
न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने माद्री काकोटी को राहत दी। उनके खिलाफ लखनऊ के हसनगंज थाने में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के नेता जतिन शुक्ला की शिकायत पर अप्रैल माह में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
शुक्ला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि काकोटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता पर हमला करने वाले बयान दिए। उन्होंने दावा किया कि काकोटी ने बार-बार “भगवा आतंकवादियों” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया और उनकी कुछ पोस्ट पाकिस्तानी मीडिया चैनलों द्वारा साझा की गई थीं।
इन आरोपों के आधार पर काकोटी पर भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने जैसी गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी और 17 अन्य घायल हुए थे। इस हमले के बाद असम सहित कई राज्यों में उन व्यक्तियों पर कार्रवाई शुरू की गई, जिनके बयानों को पाकिस्तान समर्थक माना गया।
What's Your Reaction?