भारत के साथ बढ़ते तनाव के बीच ISI मुख्यालय पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने सोमवार को इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के मुख्यालय का दौरा किया..
इस्लामाबाद। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने सोमवार को इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे से निपटने की देश की तैयारी की समीक्षा करना था।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री शरीफ़ के साथ इस दौरे में उप-प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री और शीर्ष सैन्य नेतृत्व भी मौजूद थे।
बयान में कहा गया है कि प्रतिनिधिमंडल को राष्ट्रीय सुरक्षा परिदृश्य के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई, जिसमें खास तौर पर भारत के "तेजी से आक्रामक और उकसावेपूर्ण रवैये" से उत्पन्न पारंपरिक खतरों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
यह दौरा उस भयावह पहलगाम हमले के कुछ सप्ताह बाद हुआ है, जिसमें पाकिस्तान से जुड़े होने का संदेह रखने वाले आतंकियों ने पर्यटकों पर गोलीबारी की थी, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें अधिकतर आम नागरिक थे।
पाकिस्तानी सरकार के एक बयान के अनुसार, ISI नेतृत्व ने क्षेत्रीय परिस्थितियों और उभरते खतरे के परिदृश्यों का विस्तृत आकलन प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री शरीफ़ ने “राष्ट्रीय सतर्कता बढ़ाने” की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया और सभी सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों के बीच पूर्ण समन्वय की आवश्यकता बताई।
ISI की रणनीतिक भूमिका की सराहना करते हुए शरीफ़ ने कहा कि इसने देश को जटिल और तेजी से बदलती परिस्थितियों में राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित फैसले लेने में मदद दी है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरा देश पाकिस्तानी सशस्त्र बलों के साथ खड़ा है।
भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव और रक्षा बजट में इज़ाफा
भारत और पाकिस्तान के बीच यह तनाव 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से लगातार बढ़ा है, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। इसी पृष्ठभूमि में पाकिस्तान की गठबंधन सरकार ने अगले बजट में रक्षा खर्च में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है, जिससे रक्षा बजट अब ₹2.5 ट्रिलियन (पाकिस्तानी रुपए) से अधिक हो जाएगा। यह जानकारी एक मीडिया रिपोर्ट में मंगलवार को दी गई।
सरकार 2025-26 का बजट अगले महीने के पहले सप्ताह में पेश करने जा रही है, जो 1 जुलाई से शुरू होने वाले नए वित्तीय वर्ष से पहले होगा। पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने गठबंधन सहयोगी पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के साथ ₹17.5 ट्रिलियन का बजट खाका साझा किया, जिसमें रक्षा बजट में 18% वृद्धि पर सहमति बनी।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून के हवाले से सूत्रों ने बताया कि भारत के साथ हालिया तनाव को देखते हुए PML-N और PPP के बीच रक्षा बजट बढ़ाने पर आम सहमति बनी।
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