पाकिस्तानी गोलाबारी से जम्मू-कश्मीर में दहशत, कम से कम 15 नागरिकों की मौत, 50 से अधिक घायल

बुधवार, 7 मई 2025 को जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास स्थित चार जिलों में पाकिस्तानी सेना द्वारा की गई भारी मोर्टार गोलाबारी और फायरिंग में कम से कम 15 नागरिकों की मौत हो गई..

पाकिस्तानी गोलाबारी से जम्मू-कश्मीर में दहशत, कम से कम 15  नागरिकों की मौत, 50 से अधिक घायल
08-05-2025 - 11:58 AM

श्रीनगर। बुधवार, 7 मई 2025 को जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास स्थित चार जिलों में पाकिस्तानी सेना द्वारा की गई भारी मोर्टार गोलाबारी और फायरिंग में कम से कम 15 नागरिकों की मौत हो गई, जिनमें तीन महिलाएं और तीन बच्चे शामिल हैं, जबकि 51 अन्य घायल हो गए। इस हमले में कई घरों और वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है।

अधिकारियों के अनुसार, पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास “पाकिस्तानी बलों की अकारण गोलाबारी” में एक भारतीय सैनिक भी शहीद हो गया।

राजौरी और पुंछ (जम्मू डिवीजन) तथा कुपवाड़ा और बारामुला (कश्मीर घाटी) में मोर्टार हमलों की तीव्रता मंगलवार रात भारत द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में स्थित आतंकी ठिकानों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत मिसाइल हमले के बाद देखी गई।

सीमा के पास बसे इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। बढ़ती जनहानि को देखते हुए प्रशासन ने पुंछ, राजौरी, बारामुला और आर.एस. पुरा में अस्थायी शरण स्थल स्थापित किए हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, गोलाबारी से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र बालाकोट, मेंढर, मनकोट, कृष्णा घाटी, गुलपुर, केरनी और पुंछ शहर रहे, जहां करीब 42 लोग घायल हुए हैं। पुंछ के डिप्टी कमिश्नर विकास कुंडल से संपर्क करने पर उन्होंने हताहतों की विस्तृत जानकारी नहीं दी।

कमाखान क्षेत्र के एक निवासी ने बताया, “अमरजीत सिंह (47), जो पूर्व सैनिक थे, अपने परिवार के साथ कमरे में सो रहे थे, तभी एक मोर्टार शेल छत पर गिरा और बड़ा छेद कर गया। वे छर्रे लगने से घायल हो गए और उनकी मौत हो गई।”

पुंछ के कई निवासियों ने कहा कि यह शहर 1999 के कारगिल युद्ध के बाद पहली बार इतने व्यापक पैमाने पर प्रभावित हुआ है। काजी मोहरा के एक निवासी ने बताया, “मोर्टार ने घरों की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए, इमारतों को नुकसान पहुंचाया और खड़ी गाड़ियों में छेद कर दिए।”

अधिकारियों ने बताया कि कालानी और डुंगस इलाकों में मोर्टार गोलाबारी में 12 से 14 वर्ष की आयु के तीन बच्चों की भी मौत हो गई।

कश्मीर घाटी में बारामुला के उरी, और कुपवाड़ा के चौकीबाल व तंगधार क्षेत्रों में मोर्टार गोलाबारी और फायरिंग में नौ नागरिक घायल हुए हैं। लगभग दर्जन भर मकानों और ढांचों को नुकसान पहुंचा है।

घायल अयान युनूस (8 वर्ष) के एक रिश्तेदार ने कहा, “हम रात के सन्नाटे में केवल तेज धमाकों की आवाजें सुन पा रहे थे, रोशनी की चमक और आग की लपटें देख रहे थे।” अधिकांश घायलों को बारामुला गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

भारतीय सेना ने बयान जारी कर कहा कि वह “उचित और अनुपातिक तरीके” से जवाब दे रही है।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सभी सीमा जिलों के डिप्टी कमिश्नरों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आपात बैठक की। उन्होंने प्रत्येक सीमा जिले को ₹5 करोड़ और अन्य जिलों को ₹2 करोड़ की तत्काल राशि जारी करने का निर्देश दिया, ताकि जिला प्रशासन के पास आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि सभी संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक दवाइयों का भरपूर भंडार, डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता, तथा रक्त भंडारण की तैयारी सुनिश्चित की जाए।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।