SSC: कलकत्ता हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अवमानना याचिका खारिज की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को एक अवमानना याचिका को खारिज कर दिया, जो एसएससी 2016 के 25,752 नियुक्त कर्मचारियों की सेवा समाप्ति से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन न करने को लेकर दायर की गई थी..
कोलकाता। कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को एक अवमानना याचिका को खारिज कर दिया, जो एसएससी 2016 के 25,752 नियुक्त कर्मचारियों की सेवा समाप्ति से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन न करने को लेकर दायर की गई थी।
न्यायमूर्ति देबांग्सु बसाक और न्यायमूर्ति शब्बार रशीदी की खंडपीठ ने कहा कि चूंकि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसलिए अवमानना याचिका पर वही विचार करेगा।
इन अपीलों में यह आरोप लगाया गया था कि राज्य शिक्षा विभाग और एसएससी ने कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया है, जैसे कि ओएमआर शीट्स अपलोड करना और उन लोगों से वेतन की वसूली करना जिनकी नियुक्तियों को अमान्य करार दिया गया था।
खंडपीठ ने कहा, “रिट अधिकार क्षेत्र में पारित आदेश का पालन अवमानना प्रक्रिया के माध्यम से इस सिद्धांत पर किया जाता है कि रिट के पालन न होने से उस अदालत की गरिमा और प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचती है जिसने वह रिट जारी की है। वर्तमान मामले में अंतिम रिट माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी की गई थी, अतः ऐसी स्थिति में इस अदालत के समक्ष अवमानना याचिका दाखिल नहीं की जा सकती, जब तक कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा विशेष रूप से ऐसा निर्देश न दिया गया हो।”
खंडपीठ ने यह भी जोड़ा कि संविधान के अनुच्छेद 215 के तहत उच्च न्यायालय केवल अपनी अवमानना के लिए दंड दे सकता है, न कि सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के लिए, जब तक कि सुप्रीम कोर्ट स्वयं ऐसा निर्देश न दे।
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