लोकसभा में अमित शाह–राहुल गांधी की तीखी नोकझोंक: "सब्र करना सीखिए, मेरी स्पीच का क्रम आप तय नहीं करेंगे"
बुधवार को लोकसभा में चुनावी सुधारों और पूरे देश में चल रहे SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न) अभियान पर बहस के दौरान गृह मंत्री अमित शाह और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच जोरदार टकराव देखने को मिला। दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस ने सदन का माहौल गरमा..
नयी दिल्ली। बुधवार को लोकसभा में चुनावी सुधारों और पूरे देश में चल रहे SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न) अभियान पर बहस के दौरान गृह मंत्री अमित शाह और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच जोरदार टकराव देखने को मिला। दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस ने सदन का माहौल गरमा दिया।
‘वोट चोरी’ आरोप पर शाह का पलटवार
बहस की शुरुआत तब हुई जब अमित शाह ने राहुल गांधी की "वोट चोरी" वाली टिप्पणी और उनके हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस—जिसे कांग्रेस ने “हाइड्रोजन बम” कहा था—पर जवाब देना शुरू किया।
शाह ने कहा, “5 नवंबर 2025 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने ‘न्यूक्लियर बम’ शब्द का इस्तेमाल किया। हरियाणा में 501 घरों की बात कही गई। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि हाउस नंबर 265 एक एकड़ पर विकसित एक बड़ा परिसर है, जिसमें कई परिवार रहते हैं। परिवारों को अलग-अलग नंबर जारी नहीं किए गए, इसलिए कई पीढ़ियाँ एक ही नंबर के अंतर्गत दर्ज हैं।”
राहुल गांधी ने बीच में टोका
राहुल ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि हरियाणा में ऐसे कई उदाहरण हैं, सिर्फ शाह द्वारा बताए गए नहीं। उन्होंने गृह मंत्री से SIR मुद्दे पर दी गई पिछली जानकारी पर स्पष्ट उत्तर देने को कहा।
इसके बाद राहुल ने शाह को सीधी चुनौती दी, “मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बहस हो जाए। बहुत अच्छा विचार है। अमित शाह, मैं आपको मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बहस की चुनौती देता हूँ।”
शाह का कड़ा जवाब: "आप आदेश नहीं देंगे"
राहुल की चुनौती पर अमित शाह भड़क उठे और कहा, “मेरी स्पीच का क्रम राहुल गांधी तय नहीं करेंगे। मैं 30 साल से विधायक और सांसद हूँ। संसद कैसे चलती है, इसका अनुभव है। विपक्ष के नेता कहते हैं कि मैं पहले जवाब दूँ..ऐसे संसद नहीं चलती। उन्हें धैर्य रखना सीखना चाहिए। मेरी स्पीच का क्रम मैं तय करूँगा, वे नहीं।”
SIR पर शाह का पक्ष
अपने पहले के संबोधन में शाह ने कहा..
- SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना है।
- राहुल गांधी द्वारा लगाए गए अनियमितताओं के आरोप निराधार हैं।
- “राजस्थान, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु में हम हारे, तब वोटर लिस्ट ठीक थी; लेकिन जब जीतें तो सब गलत हो जाता है? यह दोहरा मापदंड नहीं चलेगा।”
What's Your Reaction?