Saudi Arabia बना पाकिस्तान का सहारा, यूएई कर्ज चुकाने के लिए 3 अरब डॉलर की मदद
आर्थिक संकट से जूझ रहे Pakistan को बड़ी राहत देते हुए सऊदी अरब ने 3 अरब डॉलर की अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है। यह राशि पाकिस्तान को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के कर्ज भुगतान के लिए दी..
वॉशिंगटन/इस्लामाबाद। आर्थिक संकट से जूझ रहे Pakistan को बड़ी राहत देते हुए सऊदी अरब ने 3 अरब डॉलर की अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है। यह राशि पाकिस्तान को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के कर्ज भुगतान के लिए दी जा रही है।
पाकिस्तान के वित्त मंत्री Muhammad Aurangzeb ने बताया कि यह सहायता उस समय दी जा रही है, जब देश को यूएई को करीब 3.5 अरब डॉलर का भुगतान करना है। इसके अलावा सऊदी अरब ने पहले से जमा 5 अरब डॉलर की राशि की अवधि भी बढ़ा दी है।
सऊदी वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, यह 3 अरब डॉलर की जमा राशि पाकिस्तान के भुगतान संतुलन (Balance of Payments) को मजबूत करने के लिए दी जा रही है।
क्यों बढ़ा सऊदी समर्थन?
यह कदम रियाद और इस्लामाबाद के बीच गहरे होते रिश्तों को दर्शाता है। पिछले साल दोनों देशों के बीच एक रक्षा समझौता हुआ था, जिसके तहत किसी एक देश पर हमला दोनों पर हमला माना जाएगा।
विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव
पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 27 मार्च तक लगभग 16.4 अरब डॉलर था, जबकि यूएई को किया जाने वाला भुगतान इसका करीब 18% है। यह स्थिति देश की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव बना रही है।
IMF कार्यक्रम और लक्ष्य
पाकिस्तान International Monetary Fund के 7 अरब डॉलर के कार्यक्रम के तहत जून तक अपने विदेशी मुद्रा भंडार को 18 अरब डॉलर से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य रखे हुए है। ऐसे में सऊदी सहायता को बेहद अहम माना जा रहा है।
सऊदी वित्त मंत्री Mohammed Al-Jadaan हाल ही में पाकिस्तान दौरे पर भी पहुंचे, जिसे आर्थिक समर्थन का संकेत माना जा रहा है।
सभी विकल्प खुले
यूएई के कर्ज को चुकाने के लिए सऊदी ऋण विकल्प पर पूछे जाने पर वित्त मंत्री औरंगजेब ने कहा कि “सभी विकल्प खुले हैं”, जिनमें यूरोबॉन्ड, ऋण और वाणिज्यिक कर्ज शामिल हैं।
पहले भी करता रहा है मदद
सऊदी अरब पहले भी कई बार पाकिस्तान की आर्थिक मदद करता रहा है। वर्ष 2018 में उसने 6 अरब डॉलर का पैकेज दिया था, जिसमें 3 अरब डॉलर नकद जमा और 3 अरब डॉलर की तेल आपूर्ति उधार पर शामिल थी।
मध्य-पूर्व में पाकिस्तान की भूमिका
इसी बीच पाकिस्तान, United States और Iran के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। साथ ही, ईरानी हमलों के बाद सऊदी अरब की सुरक्षा मजबूत करने में भी सहयोग कर रहा है। हाल ही में पाकिस्तान ने सऊदी अरब में लड़ाकू विमान और सहायक सैन्य उपकरण भी तैनात किए हैं।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बाहरी कर्ज और भुगतान संतुलन के दबाव से जूझ रही है, और सऊदी सहायता उसके लिए “संजीवनी” साबित हो सकती है।
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