Supreme Court of India ने पवन खेड़ा की जमानत पर लगाई रोक, असम सरकार की याचिका पर सुनवाई

कांग्रेस नेता Pawan Khera को झटका देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रैल को तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा दी गई एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर रोक लगा दी। यह जमानत असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की पत्नी के खिलाफ लगाए गए आरोपों से जुड़े मामले में दी..

Supreme Court of India ने पवन खेड़ा की जमानत पर लगाई रोक, असम सरकार की याचिका पर सुनवाई
16-04-2026 - 11:36 AM

नयी दिल्ली। कांग्रेस नेता Pawan Khera को झटका देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 15 अप्रैल को तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा दी गई एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर रोक लगा दी। यह जमानत असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की पत्नी के खिलाफ लगाए गए आरोपों से जुड़े मामले में दी गई थी।

न्यायमूर्ति J K Maheshwari और Atul S Chandurkar की पीठ ने असम सरकार की ओर से दाखिल याचिका पर नोटिस जारी करते हुए यह अंतरिम आदेश पारित किया।

यह मामला पवन खेड़ा द्वारा लगाए गए उन आरोपों से जुड़ा है, जिनमें उन्होंने दावा किया था कि Riniki Bhuyan Sarma के पास विभिन्न देशों के कई पासपोर्ट हैं। हालांकि मुख्यमंत्री के परिवार ने इन आरोपों को सख्ती से खारिज किया है।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने तेलंगाना हाई कोर्ट के आदेश पर आश्चर्य व्यक्त किया। न्यायमूर्ति महेश्वरी ने कहा, “हम हैरान हैं,” और यह भी पूछा कि जिस स्थान पर एफआईआर दर्ज हुई है, उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर ट्रांजिट अग्रिम जमानत कैसे दी गई।

असम सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने दलील दी कि खेड़ा ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्होंने असम के बजाय तेलंगाना की अदालत का रुख क्यों किया। उन्होंने “फोरम शॉपिंग” पर भी चिंता जताई और कहा कि इस तरह की प्रवृत्ति पर शीर्ष अदालत पहले भी आपत्ति जता चुकी है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि पवन खेड़ा असम की सक्षम अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करते हैं, तो इस अंतरिम रोक का उनकी याचिका पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

इससे पहले 10 अप्रैल को तेलंगाना हाई कोर्ट ने अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा का हवाला देते हुए खेड़ा को एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, ताकि वे असम की उपयुक्त अदालत में राहत मांग सकें।

पवन खेड़ा के खिलाफ एफआईआर गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में Bharatiya Nyaya Sanhita की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है, जिनमें मानहानि, जालसाजी, धोखाधड़ी और झूठे बयान देने से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।

यह घटनाक्रम इस कानूनी लड़ाई में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, जहां अब सुप्रीम कोर्ट क्षेत्राधिकार से बाहर ट्रांजिट अग्रिम जमानत देने की वैधता की जांच करेगा।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।