Pakistan Electronic Media Regulatory Authority पर उठे सवाल.. Asha Bhosle को श्रद्धांजलि दिखाने पर चैनल को नोटिस, ‘आर्मी की कठपुतली’ बताया

पाकिस्तान की मीडिया नियामक संस्था Pakistan Electronic Media Regulatory Authority (PEMRA) को उस समय भारी आलोचना का सामना करना पड़ा, जब उसने दिग्गज भारतीय गायिका Asha Bhosle को श्रद्धांजलि प्रसारित करने पर एक प्रमुख टीवी चैनल को कारण बताओ नोटिस जारी..

Pakistan Electronic Media Regulatory Authority पर उठे सवाल.. Asha Bhosle को श्रद्धांजलि दिखाने पर चैनल को नोटिस, ‘आर्मी की कठपुतली’ बताया
14-04-2026 - 11:21 AM

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की मीडिया नियामक संस्था Pakistan Electronic Media Regulatory Authority (PEMRA) को उस समय भारी आलोचना का सामना करना पड़ा, जब उसने दिग्गज भारतीय गायिका Asha Bhosle को श्रद्धांजलि प्रसारित करने पर एक प्रमुख टीवी चैनल को कारण बताओ नोटिस जारी किया।

92 वर्षीय आशा भोसले का 12 अप्रैल को मल्टी-ऑर्गन फेल्योर के कारण निधन हो गया था। इस कार्रवाई को कई पत्रकारों और नेताओं ने “सांस्कृतिक असुरक्षा” बताते हुए PEMRA को “सेना की कठपुतली” करार दिया।

नोटिस में क्या कहा गया?

PEMRA के अनुसार Geo News ने 2018 के सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का उल्लंघन किया, जिसमें भारतीय कंटेंट के प्रसारण पर रोक लगाई गई थी।

नोटिस में आरोप लगाया गया कि चैनल ने:

  • PEMRA नियम 2009 के नियम 15(1) का उल्लंघन किया
  • 2015 के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया कोड ऑफ कंडक्ट के प्रावधानों को तोड़ा

विशेष रूप से, आशा भोसले की मृत्यु की कवरेज के दौरान उनके गाने और फिल्मी दृश्य प्रसारित करने को उल्लंघन माना गया।

PEMRA ने चैनल के सीईओ को 27 अप्रैल को पेश होने के लिए बुलाया है, जहां उन पर जुर्माना, लाइसेंस निलंबन या रद्द करने जैसी कार्रवाई हो सकती है।

आलोचकों की तीखी प्रतिक्रिया

Geo News और कई मीडिया विशेषज्ञों ने इस कार्रवाई का विरोध किया।

चैनल के मैनेजिंग डायरेक्टर Azhar Abbas ने कहा, किसी महान कलाकार के निधन पर उसके काम को दिखाना एक परंपरा है। आशा भोसले जैसी महान कलाकार को इससे भी ज्यादा कवरेज मिलनी चाहिए थी।”

उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, कला और ज्ञान पूरी मानवता की साझा विरासत हैं, इन्हें युद्ध या सीमाओं का शिकार नहीं बनाया जाना चाहिए।”

सांस्कृतिक जुड़ाव का मुद्दा

आलोचकों ने यह भी बताया कि आशा भोसले के पाकिस्तान से गहरे संबंध रहे हैं।
उन्होंने महान गायिका Noor Jehan को अपनी “बड़ी बहन” कहा था और Nusrat Fateh Ali Khan के साथ भी काम किया था।

इसके अलावा उन्होंने Abida Parveen और Atif Aslam जैसे कलाकारों के साथ भी सहयोग किया। वह 2012 के म्यूजिक शो Sur Kshetra में भी नजर आई थीं, जिसमें भारत और पाकिस्तान के कलाकारों के बीच संगीत मुकाबला हुआ था।

पत्रकारों और नेताओं का विरोध

वरिष्ठ पत्रकार Rauf Klasra ने इस कदम को “सांस्कृतिक असुरक्षा और संकीर्ण सोच” बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि “सेना-प्रभावित व्यवस्था PEMRA का इस्तेमाल सकारात्मक सांस्कृतिक कवरेज को दबाने के लिए कर रही है।”

वहीं, Sherry Rehman ने भी PEMRA से अपील की कि वह “अपना संतुलन न खोए” और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों पर रोक न लगाए।

सेंसरशिप टूल’ बनने का आरोप

आलोचकों का कहना है कि PEMRA अब एक निष्पक्ष नियामक की बजाय “सेंसरशिप का उपकरण” बनता जा रहा है, जो संकीर्ण राष्ट्रवाद को बढ़ावा देता है और उपमहाद्वीप की साझा सांस्कृतिक विरासत को नजरअंदाज करता है।

कुल मिलाकर, इस विवाद ने यह बहस छेड़ दी है कि क्या कला और संस्कृति को राजनीतिक तनाव से ऊपर रखा जाना चाहिए, या फिर उन्हें भी सीमाओं और नीतियों के दायरे में बांधना उचित है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।