बिहार की राजनीति: राहुल गांधी की यात्रा से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, कटिहार के 17 नेता BJP में शामिल

राहुल गांधी की बिहार यात्रा से कुछ ही दिन पहले कांग्रेस को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। कटिहार जिले के 17 प्रमुख कांग्रेस नेता पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए हैं..

बिहार की राजनीति: राहुल गांधी की यात्रा से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, कटिहार के 17 नेता BJP में शामिल
13-05-2025 - 05:35 AM

पटना। राहुल गांधी की बिहार यात्रा से कुछ ही दिन पहले कांग्रेस को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। कटिहार जिले के 17 प्रमुख कांग्रेस नेता पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए हैं।

यह राजनीतिक उलटफेर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छह बार के सांसद तारिक अनवर पर गंभीर आरोपों के साथ सामने आया है, जिससे पार्टी के अंदर की दरारें और गहरी होती दिख रही हैं और राज्य में कांग्रेस की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इस नाटकीय दल-बदल का नेतृत्व कांग्रेस की श्रमिक संगठन INTUC के प्रदेश अध्यक्ष विकास सिंह ने किया। उन्होंने तारिक अनवर पर आरोप लगाया कि वे सवर्ण विरोधी मानसिकता” को बढ़ावा दे रहे हैं — न सिर्फ अपनी बयानबाजी में बल्कि अपने कामकाज में भी।

BJP में शामिल होते समय बिहार सरकार के पीएचईडी मंत्री नीरज कुमार सिंह बबलू की उपस्थिति में विकास सिंह ने कहा,
यह तो बस शुरुआत है। आने वाले दिनों में सैकड़ों-हजारों कार्यकर्ता बीजेपी में शामिल होने को तैयार हैं।”

विकास सिंह के अनुसार, कांग्रेस के जिन 17 प्रभावशाली सवर्ण नेताओं ने पार्टी छोड़ी है, उनके इस फैसले के पीछे तारिक अनवर की कथित पक्षपाती कार्यशैली के प्रति बढ़ती नाराजगी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अनवर का रवैया कटिहार के सवर्ण वोट बैंक को अलग-थलग कर रहा है, जो इस क्षेत्र में चुनाव परिणामों को निर्णायक रूप से प्रभावित करता है।

यह नेताओं का सामूहिक पलायन और जातिगत असंतोष उस वक्त सामने आया है जब कांग्रेस पहले से ही INDIA गठबंधन के भीतर आंतरिक असंतोष का सामना कर रही है।
इस घटनाक्रम से तारिक अनवर की परंपरागत राजनीतिक पकड़ कमजोर हो सकती है और उनकी छवि को भी नुकसान हो सकता है, विशेषकर ऐसे समय में जब बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी हो रही है।

कटिहार, जो लंबे समय से तारिक अनवर के नेतृत्व में कांग्रेस का गढ़ माना जाता था, अब राजनीतिक रूप से अस्थिर होता दिख रहा है।
यहां का सवर्ण समुदाय, जो काफी प्रभावशाली माना जाता है, अब कांग्रेस से दूरी बना सकता है — यदि पार्टी ने इस मुद्दे को शीघ्रता से नहीं संभाला तो यह चुनावी नुकसान में बदल सकता है।

फिलहाल, तारिक अनवर ने इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन यह प्रकरण उनकी नेतृत्व क्षमता और लोकप्रियता पर सीधा सवाल खड़ा कर रहा है।
बिहार से कांग्रेस के राष्ट्रीय चेहरे के रूप में उनकी साख और जनाधार अब गंभीर परीक्षा में है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।