बिहार मतदाता सूची संशोधन पर कांग्रेस का EC पर हमला, RTI से खुलासा बताकर रखीं 3 बड़ी मांगें

कांग्रेस ने शुक्रवार को चुनाव आयोग (EC) के खिलाफ मोर्चा तेज़ कर दिया। पार्टी ने दावा किया कि सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी से हाल ही में बिहार में हुई स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) को लेकर आयोग की दलीलों में “गंभीर विरोधाभास” सामने..

बिहार मतदाता सूची संशोधन पर कांग्रेस का EC पर हमला, RTI से खुलासा बताकर रखीं 3 बड़ी मांगें
30-08-2025 - 01:13 PM

पटना। कांग्रेस ने शुक्रवार को चुनाव आयोग (EC) के खिलाफ मोर्चा तेज़ कर दिया। पार्टी ने दावा किया कि सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी से हाल ही में बिहार में हुई स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) को लेकर आयोग की दलीलों में “गंभीर विरोधाभास” सामने आया है।

कांग्रेस ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि उसकी RTI अर्जी से पता चला कि SIR को लेकर जिस स्वतंत्र मूल्यांकन’ (independent appraisal) का हवाला आयोग ने अदालत में दिया था, उसकी कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। पार्टी ने इसे पारदर्शिता पर बड़ा सवाल बताया और आयोग से सभी संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की।

कांग्रेस के दावे (RTI जवाबों के आधार पर):

  1. अदालत में SIR 2025 का आधार बताई गई स्वतंत्र स्टडी/मूल्यांकन’ के बारे में पूछे जाने पर आयोग ने कहा कि ऐसी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
  2. SIR लागू करने के फैसले से जुड़ी फाइलें, नोटिंग्स और अनुमोदन मांगे जाने पर आयोग ने जवाब दिया कि ऐसे कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं।
  3. 2003 में बिहार मतदाता सूची संशोधन आदेश और गाइडलाइंस मांगे जाने पर आयोग ने पुराने दस्तावेज़ उपलब्ध कराने की बजाय 2025 के आदेश का हवाला दे दिया, जिससे और संदेह बढ़ गया।

कांग्रेस का आरोप है कि अदालत में कही गई बात और RTI में दिए गए जवाबों में स्पष्ट विरोधाभास है। पार्टी ने सवाल उठाया, अगर कोई स्वतंत्र मूल्यांकन या रिकॉर्ड मौजूद ही नहीं, तो इतने महत्वपूर्ण फैसले का आधार क्या था?”

कांग्रेस की तीन मांगें चुनाव आयोग से

  1. SIR फैसले से जुड़े सभी दस्तावेज़, अध्ययन और नोटिंग्स सार्वजनिक किए जाएं।
  2. सुप्रीम कोर्ट में स्वतंत्र मूल्यांकन’ का हवाला देकर गुमराह क्यों किया गया, यह स्पष्ट किया जाए।
  3. पुराने रिकॉर्ड छिपाना बंद कर तुरंत सार्वजनिक किए जाएं।

कांग्रेस ने अपनी पोस्ट में कहा, लोकतंत्र का भरोसा संस्थाओं पर टिका है। चुनाव आयोग को सच सामने रखना चाहिए वरना यह भरोसा अपूरणीय रूप से खो सकता है।”

पृष्ठभूमि: SIR क्या है?

स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है, जिसके तहत मतदाता सूची को अद्यतन किया जाता है। हाल ही में इसे बिहार विधानसभा चुनाव से पहले लागू किया गया। इस दौरान अधिकारी घर-घर जाकर यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी पात्र नागरिक सूची से छूटे नहीं और कोई अपात्र नाम शामिल न हो।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।