बिहार के डिप्टी सीएम के पास दो वोटर कार्ड, विपक्ष का आरोप; ERO ने भेजा नोटिस
बिहार की सियासी जंग रविवार को और तेज हो गई जब विपक्ष ने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा पर अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से दो मतदाता पहचान पत्र (EPIC) रखने और दोनों में अलग-अलग उम्र दर्ज होने का आरोप..
पटना। बिहार की सियासी जंग रविवार को और तेज हो गई जब विपक्ष ने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा पर अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से दो मतदाता पहचान पत्र (EPIC) रखने और दोनों में अलग-अलग उम्र दर्ज होने का आरोप लगाया।
बीजेपी नेता सिन्हा ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया और कहा कि उन्होंने 2024 में एक मतदाता सूची से अपना नाम हटवाने के लिए आवेदन दिया था।
विवाद तब उभरा जब बांकीपुर के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) ने सिन्हा को नोटिस भेजकर 14 अगस्त तक जवाब देने को कहा। नोटिस में कहा गया कि उनका नाम बांकीपुर (182) और लखीसराय (168) विधानसभा क्षेत्रों की प्रारूप मतदाता सूचियों में दर्ज है और यह पंजीकरण, बिहार के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से पहले हुआ था।
दिन में इससे पहले, आरजेडी नेता तेजस्वी प्रसाद यादव — जो खुद दो EPIC रखने के आरोप में घिरे हैं और कांग्रेस नेताओं ने अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि सिन्हा का मामला SIR प्रक्रिया की खामियों को उजागर करता है।
तेजस्वी ने कहा, “उनके पास दो अलग-अलग EPIC हैं, लेकिन गंभीर बात यह है कि यह SIR के बाद हुआ। या तो पूरी SIR प्रक्रिया फर्जी है या बिहार के उपमुख्यमंत्री फर्जी हैं। उनका नाम दो मतदाता सूचियों में है, इसका मतलब है कि उन्होंने दोनों नामांकन फॉर्म पर हस्ताक्षर किए होंगे। अगर नहीं किया तो चुनाव आयोग खुद फर्जीवाड़े में शामिल है।”
तेजस्वी ने लखीसराय और पटना जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने उनकी बार-बार की शिकायतों को नजरअंदाज किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार ने भी आरोप का समर्थन करते हुए कहा कि बीजेपी “अनपेक्षित और जबरन नए मतदाता बना रही है और हमारे मतदाताओं के नाम हटा रही है।” उन्होंने इसे पार्टी सांसद राहुल गांधी के इस पहले के दावे का सबूत बताया कि चुनाव आयोग “बीजेपी के साथ मिलकर वोट चुराने की साजिश” कर रहा है।
वहीं, सिन्हा ने आरोपों को खारिज करते हुए तेजस्वी पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “पिछले साल अप्रैल में मैंने बांकीपुर से अपना नाम हटाने के लिए आवेदन दिया था। पता नहीं क्यों इसे नहीं हटाया गया। इस बार भी मैंने बीएलओ को बुलाया, लिखित आवेदन दिया और रसीद ली। मेरे पास दोनों दस्तावेज हैं।”
सिन्हा ने कहा कि उन्होंने केवल लखीसराय से ही वोट डाला है। “तेजस्वी गलत तथ्य देकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। पूरा बिहार जानता है कि वे दूसरों की छवि खराब करने का खेल खेलते हैं। सिन्हा ने कहा, उन्हें माफी मांगनी चाहिए।”
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