‘जबरदस्त धोखाधड़ी’: भारतीय मूल के CEO पर 500 मिलियन डॉलर की ठगी का आरोप – जानिए पूरा मामला
वॉशिंगटन। अमेरिकी निवेश कंपनी ब्लैकरॉक (BlackRock) एक चौंकाने वाली बहु-मिलियन डॉलर की धोखाधड़ी का शिकार हो गई है।
वॉशिंगटन। अमेरिकी निवेश कंपनी ब्लैकरॉक (BlackRock) एक चौंकाने वाली बहु-मिलियन डॉलर की धोखाधड़ी का शिकार हो गई है। आरोप है कि यह फर्जीवाड़ा भारतीय मूल के CEO बंकिम ब्रह्मभट्ट (Bankim Brahmbhatt) द्वारा रचा गया, जो अमेरिका स्थित टेलीकॉम कंपनियों ब्रॉडबैंड टेलीकॉम (Broadband Telecom) और ब्रिजवॉइस (Bridgevoice) के प्रमुख हैं।
वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के अनुसार, कर्ज देने वाले बैंकों ने ब्रह्मभट्ट की कंपनियों पर फर्जी खातों और नकली देनदारियों (Accounts Receivable) के निर्माण का आरोप लगाया है, जिन्हें ऋण की गारंटी (Loan Collateral) के रूप में दिखाया गया था। अब इन कंपनियों पर कर्जदाताओं का 500 मिलियन डॉलर (करीब ₹4,200 करोड़) से अधिक बकाया है।
ब्रह्मभट्ट के वकील ने हालांकि इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि उनके मुवक्किल पर लगे आरोप गलत हैं।
धोखाधड़ी की शुरुआत कैसे हुई?
ब्लैकरॉक की निजी ऋण निवेश इकाई एचपीएस (HPS – High Performance Strategies) ने सितंबर 2020 में ब्रह्मभट्ट की टेलीकॉम कंपनियों से जुड़ी एक फाइनेंसिंग इकाई को कर्ज देना शुरू किया था।
- 2021 की शुरुआत में, एचपीएस ने इस निवेश की राशि बढ़ाकर 385 मिलियन डॉलर कर दी।
- अगस्त 2024 में, यह रकम बढ़कर लगभग 430 मिलियन डॉलर हो गई।
लेकिन जुलाई 2024 में, एचपीएस के एक कर्मचारी को कुछ संदिग्ध ईमेल पते नजर आए, जो वास्तविक टेलीकॉम कंपनियों के ईमेल की नकल करने वाले नकली डोमेन से भेजे गए थे।
एचपीएस अधिकारियों ने जब यह मुद्दा ब्रह्मभट्ट के सामने उठाया, तो उन्होंने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है और उसके बाद उन्होंने कॉल उठाना बंद कर दिया।
कंपनी के दफ्तर बंद, CEO गायब
एक एचपीएस अधिकारी ने जब न्यूयॉर्क स्थित ब्रह्मभट्ट की कंपनियों के कार्यालयों का दौरा किया, तो पाया कि वे पूरी तरह बंद थे।
इसके बाद, ब्रह्मभट्ट की कंपनियों ने अगस्त 2024 में दिवालियापन (Bankruptcy) की अर्जी दाखिल कर दी।
बंकिम ब्रह्मभट्ट कहां हैं?
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रिपोर्ट किया कि उसने ब्रह्मभट्ट के गार्डन सिटी (Garden City) स्थित घर का दौरा किया, जो उनके आधिकारिक निवास के रूप में सूचीबद्ध है। लेकिन वहां कोई जवाब नहीं मिला।
रिपोर्ट में कहा गया, “घर के ड्राइववे में दो BMW, एक Porsche, एक Tesla और एक Audi खड़ी थीं। दरवाजे के पास रखा एक पार्सल धूल से ढका हुआ था।”
एचपीएस ने कुछ ग्राहकों को बताया कि उन्हें शक है कि ब्रह्मभट्ट भारत में हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उनके वकील से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका जवाब नहीं मिला।
लेंडर्स का दावा: फर्जी ईमेल, कागज़ी संपत्तियां, विदेशों में ट्रांसफर
कर्ज देने वालों ने अगस्त 2024 में मुकदमा दायर किया। उनका कहना है कि उन्होंने पिछले दो वर्षों में ब्रह्मभट्ट की कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए गए ग्राहक ईमेल्स की जांच की — और सभी नकली निकले।
लेंडर्स के वकीलों ने अदालत में लिखा, “ब्रह्मभट्ट ने ऐसी बैलेंस शीट तैयार की जिसमें दर्शाई गई संपत्तियां सिर्फ कागजों पर ही मौजूद थीं।” आरोप यह भी है कि ब्रह्मभट्ट ने वे संपत्तियां और फंड्स भारत और मॉरीशस के ऑफशोर खातों में स्थानांतरित कर दिए, जिन्हें ऋण की गारंटी के रूप में गिरवी रखा जाना था।
निष्कर्ष
यह मामला अमेरिका के वित्तीय जगत में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी कॉर्पोरेट धोखाधड़ियों में से एक बताया जा रहा है।
जहां ब्लैकरॉक और अन्य कर्जदाता अपने पैसे की वसूली के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं, वहीं भारतीय मूल के CEO बंकिम ब्रह्मभट्ट का ठिकाना अब भी रहस्य बना हुआ है।
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