बिजनेसमैन व भाजपा नेता गोपाल खेमका की पटना में गोली मारकर हत्या, छह साल पहले बेटे की भी ऐसे ही हुई थी हत्या
बिहार के जाने-माने उद्योगपति और भाजपा नेता गोपाल खेमका की शुक्रवार देर रात पटना में उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात चौंकाने वाली इसलिए भी है क्योंकि छह साल पहले उनके बेटे गु़ंजन खेमका की भी इसी तरह की परिस्थिति में हत्या..
पटना। बिहार के जाने-माने उद्योगपति और भाजपा नेता गोपाल खेमका की शुक्रवार देर रात पटना में उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात चौंकाने वाली इसलिए भी है क्योंकि छह साल पहले उनके बेटे गु़ंजन खेमका की भी इसी तरह की परिस्थिति में हत्या हुई थी।
घटना कैसे हुई?
पुलिस के अनुसार, गोपाल खेमका रात करीब 11 बजे जब अपने घर लौट रहे थे, तभी गांधी मैदान थाना क्षेत्र में स्थित होटल पनाश के पास हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया। उनका घर इसी होटल से सटी एक सोसाइटी में स्थित है।
पटना की एसपी दीक्षा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया, “4 जुलाई की रात करीब 11 बजे हमें सूचना मिली कि गांधी मैदान थाना क्षेत्र के दक्षिण इलाके में व्यवसायी गोपाल खेमका की गोली मारकर हत्या कर दी गई है… घटनास्थल को सील कर दिया गया है और आगे की जांच जारी है।”
उन्होंने कहा कि घटनास्थल से एक गोली और एक खोखा बरामद किया गया है। गोपाल खेमका की मौके पर ही मौत हो गई।
जांच में क्या हो रहा है?
- सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है
- हमलावरों की पहचान और हमले के पीछे की साजिश का पता लगाने की कोशिश जारी है
बेटे की भी हो चुकी है हत्या
- दिसंबर 2018 में उनके बेटे गु़ंजन खेमका की भी हाजीपुर इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित उनके कारखाने के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
- वह भी एक साहसिक और योजनाबद्ध हमला था।
- उस समय भी हमलावरों को लेकर कई सवाल उठे थे, लेकिन कड़ी कार्रवाई नहीं हो सकी।
पप्पू यादव ने सरकार पर निशाना साधा
पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (राजेश रंजन) ने घटनास्थल पर पहुंचकर नीतीश कुमार सरकार पर जमकर हमला बोला।
उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “बिहार अपराधियों का अड्डा बन चुका है! नीतीश जी, बिहार को बख्शिए। अगर छह साल पहले गु़ंजन खेमका की हत्या पर सरकार ने सख्त कार्रवाई की होती, तो आज गोपाल खेमका जिंदा होते।” उन्होंने लिखा, “मैं तब भी उनके घर गया था न्याय का भरोसा देने, आज फिर पहुंचा हूं लेकिन इस 'क्रूर माफिया राज' में कोई सुरक्षित नहीं है।”
सवाल जो खड़े हो रहे हैं..
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मुद्दा |
सवाल |
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कानून व्यवस्था |
क्या राज्य में राजनीतिक और व्यापारिक व्यक्तियों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस योजना है? |
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2018 की हत्या |
गु़ंजन खेमका की हत्या के केस में अब तक क्या कार्रवाई हुई? |
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राजनीतिक आरोप |
क्या सरकार ने 2018 के बाद कोई सीख ली या अपराधियों को खुली छूट मिली हुई है? |
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दोहराई गई वारदात |
क्या यह कोई सुनियोजित रंजिश है या एक संगठित अपराध का हिस्सा? |
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