सीबीआई ने वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी के यहां छापेमारी में 1 करोड़ रुपये नकद, 3.5 किलोग्राम सोना बरामद किया
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के एक मामले में वरिष्ठ भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी अमित कुमार सिंघल के ठिकानों पर छापेमारी कर करीब 1 करोड़ रुपये नकद, 3.5 किलो सोना और 2 किलो चांदी बरामद की है।
नयी दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के एक मामले में वरिष्ठ भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी अमित कुमार सिंघल के ठिकानों पर छापेमारी कर करीब 1 करोड़ रुपये नकद, 3.5 किलो सोना और 2 किलो चांदी बरामद की है। इस मामले में सिंघल और उनके सहयोगी हर्ष कोटक को गिरफ्तार किया गया है। यह मामला 25 लाख रुपये की रिश्वत से जुड़ा है।
सीबीआई ने एक ट्रैप ऑपरेशन के बाद सिंघल और कोटक के दिल्ली और पंजाब स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कार्रवाई एक पिज्जा चेन मालिक से रिश्वत लेने के आरोप में की गई।
कौन हैं अमित कुमार सिंघल?
सिंघल 2007 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं और दिल्ली स्थित डायरेक्टरेट ऑफ टैक्सपेयर सर्विसेज में एडिशनल डायरेक्टर जनरल के पद पर तैनात थे। सीबीआई के एफआईआर के अनुसार, उन्होंने पिज्जा चेन ला पिनोज़ (La Pino’z) के मालिक सनम कपूर से आयकर विभाग का नोटिस सुलझाने के लिए 45 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
शनिवार को 25 लाख रुपये की पहली किस्त पंजाब के मोहाली स्थित उनके आवास पर पहुंचाई गई, जिसे कथित तौर पर कोटक ने सिंघल की ओर से स्वीकार किया। इसी के बाद सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
न्यायिक हिरासत और कोर्ट कार्यवाही
दोनों आरोपियों को चंडीगढ़ की विशेष मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 13 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह जानकारी कपूर के वकील गगनदीप जम्मू ने दी।
पूरा मामला कैसे unfolded हुआ?
शिकायतकर्ता सनम कपूर के अनुसार, जब सिंघल मुंबई में कस्टम विभाग में ज्वाइंट कमिश्नर थे, तब उन्होंने कपूर से संपर्क किया और Parker Impex नामक फर्म (जिसमें सिंघल की मां रंजना और अमित रत्तन साझेदार थे) के जरिए ला पिनोज़ पिज़्ज़ा का मास्टर फ्रैंचाइज़ी कॉन्ट्रैक्ट किया।
बाद में, Flevaco नामक फर्म (हर्ष कोटक और उनकी मां गोडावरिबेन की साझेदारी वाली) और Mohini Hospitality (जिसकी मालिक कोटक की पत्नी किरण थीं) के साथ और भी फ्रैंचाइज़ी डील्स की गईं।
लेकिन कारोबार में "अव्यवसायिक व्यवहार और अनुबंध उल्लंघन" के चलते विवाद हो गया और कपूर को तीन आउटलेट्स छह गुना अधिक कीमत पर वापस खरीदने के लिए मजबूर किया गया।
आयकर नोटिस और कथित दुरुपयोग
कपूर के अनुसार, दिसंबर 2024 में सभी अनुबंधों को समाप्त करने के बाद, सिंघल ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर 18 फरवरी 2025 को कपूर के खिलाफ आयकर विभाग से नोटिस जारी करवाया।
इसके बाद कपूर के चार्टर्ड अकाउंटेंट ने चंडीगढ़ स्थित इनकम टैक्स दफ्तर में संपर्क किया, जहां उन्हें बताया गया कि भारी जुर्माना लग सकता है और यह नोटिस सिंघल के प्रभाव के कारण ही भेजा गया है।
अप्रैल में कपूर ने दिल्ली में सिंघल से मुलाकात की, जहां सिंघल ने कथित रूप से 45 लाख रुपये की रिश्वत मांग कर मामला सुलझाने की पेशकश की।
कपूर की शिकायत पर सीबीआई ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया और शनिवार को दिल्ली के वसंत कुंज स्थित आवास से सिंघल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
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