केंद्र ने 1971 के बाद पहली बार देशव्यापी सुरक्षा अभ्यास का आदेश दिया, भारत-पाक तनाव के बीच राष्ट्रीय तैयारी का क्या है मतलब..?

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने कई राज्यों को बुधवार, 7 मई को पूर्ण पैमाने पर नागर सुरक्षा मॉक ड्रिल (नकली अभ्यास) आयोजित करने का निर्देश दिया है..

केंद्र ने 1971 के बाद पहली बार देशव्यापी सुरक्षा अभ्यास का आदेश दिया, भारत-पाक तनाव के बीच राष्ट्रीय तैयारी का क्या है मतलब..?
06-05-2025 - 05:19 AM

नयी दिल्ली। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने कई राज्यों को बुधवार, 7 मई को पूर्ण पैमाने पर नागर सुरक्षा मॉक ड्रिल (नकली अभ्यास) आयोजित करने का निर्देश दिया है। यह 1971 — जब भारत-पाक युद्ध हुआ था — के बाद पहली बार है जब पूरे देश में ऐसी तैयारी का आयोजन किया जा रहा है।

गृह मंत्रालय (MHA) ने यह निर्देश इस उद्देश्य से जारी किए हैं कि किसी शत्रु देश द्वारा हमले की स्थिति में आम जनता की तैयारी और जागरूकता को बढ़ाया जा सके। प्रस्तावित उपाय निम्नलिखित हैं:

  1. हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरनों को सक्रिय करना
  2. नागरिकों और छात्रों को नागर सुरक्षा प्रशिक्षण देना
  3. क्रैश ब्लैकआउट ड्रिल (अचानक अंधेरा करने का अभ्यास) का आयोजन
  4. संवेदनशील इन्फ्रास्ट्रक्चर को पूर्व-छलावरण (कैमोफ्लाज) देना
  5. निकासी योजनाओं का अभ्यास और अपडेट

यह कदम पाकिस्तान द्वारा लगातार 11 रातों से किए जा रहे संघर्षविराम उल्लंघनों के बीच लिया गया है। पहलगाम नरसंहार, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या की थी, के बाद भारत ने सैन्य और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

फिरोजपुर, पंजाब में ब्लैकआउट अभ्यास
पंजाब के फिरोजपुर में कल रात एक ब्लैकआउट अभ्यास किया गया, जिसमें रात 9:00 से 9:30 बजे तक छावनी क्षेत्र की सभी लाइटें बंद कर दी गईं। स्थानीय अधिकारियों ने इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की।

छावनी बोर्ड की एक चिट्ठी में कहा गया कि इस अभ्यास का उद्देश्य "युद्ध की संभावनाओं के बीच ब्लैकआउट प्रक्रियाओं की तैयारी और प्रभावशीलता सुनिश्चित करना" है।

प्रधानमंत्री मोदी ने की उच्चस्तरीय रक्षा बैठकें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार शीर्ष रक्षा अधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं। सोमवार को उन्होंने रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से मुलाकात की, जबकि इससे एक दिन पहले वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह से मिले थे। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने हाल ही में थलसेना और नौसेना प्रमुखों से भी बातचीत की है।

प्रधानमंत्री मोदी ने पहलगाम हमले के पीछे जिम्मेदार लोगों को "अकल्पनीय सज़ा" देने की बात कही है और इसे 2019 के पुलवामा हमले के बाद जम्मू-कश्मीर का सबसे भयानक आतंकवादी हमला बताया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सरकार के दृढ़ संकल्प को दोहराते हुए कहा, "जो आप चाहते हैं, वह अवश्य होगा।"

अभूतपूर्व कूटनीतिक कदम

भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कूटनीतिक कदम उठाए हैं, जिनमें सबसे अहम इंडस जल संधि (Indus Waters Treaty) को निलंबित करना है—जो कि 1965, 1971 और 1999 के करगिल युद्धों के दौरान भी नहीं किया गया था। इसके अलावा भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तानी राजनयिकों की संख्या भी घटा दी है।

इसके जवाब में पाकिस्तान ने चेतावनी दी है कि जल प्रवाह को रोकना युद्ध की कार्यवाही मानी जाएगी, और उसने संकेत दिया है कि वह सभी द्विपक्षीय समझौतों, जिनमें शिमला समझौता भी शामिल है (जिसके तहत वर्तमान लाइन ऑफ कंट्रोल – LoC बनी हुई है), को निलंबित कर सकता है।

यदि पाकिस्तान शिमला समझौते से पीछे हटता है, तो इससे एलओसी की कानूनी स्थिति अस्थिर हो सकती है और सैन्य तनाव और भी बढ़ सकता है। साथ ही पाकिस्तान लगातार 11 रातों से 2003 के संघर्षविराम समझौते का उल्लंघन कर रहा है, जिससे तनाव कम करने की कोशिशें विफल हो रही हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।