कांग्रेस ने पीएम मोदी को सरदार पटेल की आरएसएस पर की गई टिप्पणियों की याद दिलाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रनिर्माण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की भूमिका की सराहना करने के बाद कांग्रेस ने बुधवार को उन्हें याद दिलाया कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने उस समय कहा था कि संघ की गतिविधियों ने ऐसा माहौल बनाया, जिसमें महात्मा गांधी..
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रनिर्माण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की भूमिका की सराहना करने के बाद कांग्रेस ने बुधवार को उन्हें याद दिलाया कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने उस समय कहा था कि संघ की गतिविधियों ने ऐसा माहौल बनाया, जिसमें महात्मा गांधी की हत्या संभव हुई।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री ने आज सुबह आरएसएस पर बहुत बातें कीं। क्या उन्हें यह भी पता है कि 18 जुलाई 1948 को सरदार पटेल ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को क्या लिखा था?"
उन्होंने पटेल द्वारा लिखे गए उस पत्र के अंश साझा किए, जिसमें तत्कालीन गृहमंत्री पटेल ने लिखा था, "जहाँ तक आरएसएस और हिंदू महासभा का सवाल है, गांधीजी की हत्या का मामला अदालत में है और मैं इन दोनों संगठनों की भागीदारी पर कुछ नहीं कहना चाहूँगा। लेकिन हमारी रिपोर्टें पुष्टि करती हैं कि इन दोनों संस्थाओं, खासकर आरएसएस की गतिविधियों के परिणामस्वरूप देश में ऐसा वातावरण बना, जिसमें यह भयावह त्रासदी संभव हो सकी।"
पटेल ने आगे लिखा था, "आरएसएस की गतिविधियाँ सरकार और राज्य के अस्तित्व के लिए स्पष्ट खतरा थीं। हमारी रिपोर्टें दिखाती हैं कि प्रतिबंध के बावजूद ये गतिविधियाँ समाप्त नहीं हुई हैं बल्कि समय बीतने के साथ संघ का रवैया और अधिक चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है तथा उसकी विध्वंसक गतिविधियाँ बढ़ती जा रही हैं।"
वहीं दूसरी ओर, प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को आरएसएस की प्रशंसा करते हुए कहा कि संगठन ने कई बार हमलों के बावजूद कभी कटुता नहीं दिखाई और हमेशा "राष्ट्र प्रथम" के सिद्धांत पर कार्य किया।
आरएसएस के शताब्दी समारोह में शामिल होकर मोदी ने संगठन के राष्ट्रनिर्माण में योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "संगठन ने ब्रिटिशों के अत्याचारों के खिलाफ संघर्ष किया। इसका एकमात्र उद्देश्य हमेशा राष्ट्र के प्रति प्रेम रहा है। संघ के स्वयंसेवकों ने स्वतंत्रता सेनानियों को शरण दी और इसके नेताओं को भी स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जेल जाना पड़ा।"
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि संगठन की भावना को कुचलने के लिए कई बार उस पर आरोप लगाए गए और झूठे मुकदमे दायर किए गए।
मोदी ने कहा, "गांधीजी की हत्या के बाद संघ पर प्रतिबंध लगाने जैसे प्रयास हुए, लेकिन आरएसएस ने कभी कटुता नहीं दिखाई। हमने हमेशा समाज में अच्छाई और बुराई दोनों को स्वीकार किया है।"
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