2 करोड़ के हर्जाने की मांग पर यूट्यूबर अजीत भारती को दिल्ली हाईकोर्ट का समन
दिल्ली हाईकोर्ट ने यूट्यूबर अजीत भारती को 2 करोड़ रुपये के मानहानि के मुकदमे में समन जारी किया है। यह मुकदमा TFI मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने भारती द्वारा सोशल मीडिया मंच X (पूर्व में ट्विटर) पर की गई दो पोस्टों को लेकर दायर किया..
नयी दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने यूट्यूबर अजीत भारती को 2 करोड़ रुपये के मानहानि के मुकदमे में समन जारी किया है। यह मुकदमा TFI मीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने भारती द्वारा सोशल मीडिया मंच X (पूर्व में ट्विटर) पर की गई दो पोस्टों को लेकर दायर किया है।
न्यायमूर्ति पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने 27 मई को भारती और एक अन्य प्रतिवादी को नोटिस जारी करते हुए 30 दिनों के भीतर लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। याचिका में स्थायी निषेधाज्ञा की भी मांग की गई है।
याचिका में याचिकाकर्ता की मुख्य बातें:
- अजीत भारती की दो पोस्ट (22 और 23 मार्च 2025) को मानहानिपूर्ण बताते हुए हटवाने की मांग की गई है।
- याचिका में कहा गया कि इन पोस्टों से कंपनी को मानसिक आघात, आर्थिक नुकसान और प्रतिष्ठा की क्षति हुई।
- भारती को भविष्य में इस तरह की कोई भी टिप्पणी या पोस्ट साझा करने से रोकने की मांग की गई।
- याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता जय अनंत देहाद्रई ने एकतरफा निषेधाज्ञा (ex parte injunction) की मांग की ताकि भारती द्वारा की गई पोस्ट तुरंत हटाई जा सके।
कोर्ट की टिप्पणी:
न्यायमूर्ति कौरव ने कहा,
“मामले की प्रकृति को देखते हुए, यह उचित है कि पहले प्रतिवादी को नोटिस दिया जाए। अंतरिम राहत पर सुनवाई नोटिस सर्व होने के बाद की जाएगी।”
मामला क्या है?
- TFI मीडिया का कहना है कि उसके पूर्व कर्मचारी अनुपम के सिंह ने 22 मार्च को X पर लिखा कि उनका TFI से सफर खत्म हो गया है।
- इसके कुछ ही मिनट बाद, अजीत भारती ने उस पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए टिप्पणी की कि TFI का दफ्तर सिर्फ "ब्रोकरिंग" जैसे काम करता है, और कुछ नहीं करता।
- 23 मार्च को भारती ने एक और कथित अपमानजनक पोस्ट की।
- TFI ने कहा कि उन्होंने भारती को निजी तौर पर संपर्क करके अनुरोध किया कि वे ऐसी बिना आधार वाली टिप्पणियों से बचें, लेकिन इसका असर नहीं हुआ।
- TFI ने बताया कि पहली पोस्ट को अब तक 63,000 से अधिक व्यू, 1,900 लाइक्स, 445 रीपोस्ट, 27 टिप्पणियां और 25 बुकमार्क्स मिल चुके हैं।
अगली सुनवाई
यह मामला अब 7 जुलाई 2025 को फिर से अदालत में सुना जाएगा, जिसमें अंतरिम निषेधाज्ञा पर विस्तार से सुनवाई होगी।
TFI ने यह भी बताया कि उसकी ऑनलाइन उपस्थिति मजबूत है और वह एक प्रसिद्ध डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म है, जिसे लाखों लोग पढ़ते और फॉलो करते हैं।
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