‘अब सुधार का दौर शुरू’: नेतन्याहू को चुनौती देने के लिए दो पूर्व पीएम एकजुट, इज़राइल की राजनीति में बड़ा बदलाव

इज़राइल की राजनीति में रविवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब विपक्षी नेता यैर लापिड ने घोषणा की कि वह आगामी संसदीय चुनावों में पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। इस कदम का मकसद मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सत्ता से..

‘अब सुधार का दौर शुरू’: नेतन्याहू को चुनौती देने के लिए दो पूर्व पीएम एकजुट, इज़राइल की राजनीति में बड़ा बदलाव
27-04-2026 - 09:49 AM

इज़राइल की राजनीति में रविवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब विपक्षी नेता यैर लापिड ने घोषणा की कि वह आगामी संसदीय चुनावों में पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे। इस कदम का मकसद मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सत्ता से हटाना है।

संयुक्त मोर्चा बनाने का ऐलान

लापिड ने बताया कि दोनों नेता अक्टूबर में होने वाले चुनाव में संयुक्त सूची (जॉइंट लिस्ट) के तहत उतरेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी येश अतीद और बेनेट की नयी पार्टी “बेनेट 2026” को मिलाकर एक नयी पार्टी बनाई जाएगी, जिसका नेतृत्व नफ्ताली बेनेट करेंगे।

लापिड ने सोशल मीडिया पर लिखा, “यह कदम ‘रिपेयर ब्लॉक’ को एकजुट करता है और इज़राइल को सुधार की दिशा में ले जाने के लिए सभी प्रयासों को केंद्रित करेगा। अब विभाजन का दौर खत्म हो गया है और मरम्मत यानी सुधार का दौर शुरू हो चुका है।”

पहले भी साथ बना चुके हैं सरकार

लापिड और बेनेट इससे पहले जून 2021 में भी साथ आए थे और एक गठबंधन सरकार बनाई थी, जिसने नेतन्याहू के लंबे शासन को अस्थायी रूप से समाप्त कर दिया था। हालांकि, यह सरकार 2022 में गिर गई, जिसके बाद नेतन्याहू दोबारा सत्ता में लौट आए।

नेतन्याहू के खिलाफ मुखर आलोचना

दोनों नेता खासकर अक्टूबर 2023 के बाद के संघर्षों को लेकर नेतन्याहू सरकार की नीतियों की लगातार आलोचना करते रहे हैं।

वहीं, 76 वर्षीय नेतन्याहू इस चुनाव में अपनी पार्टी लिकुड का नेतृत्व करेंगे। वे इज़राइल के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री हैं और 18 साल से अधिक समय तक अलग-अलग कार्यकाल में सत्ता में रह चुके हैं।

कौन हैं नफ्ताली बेनेट?

  • नफ्ताली बेनेट एक दक्षिणपंथी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने जून 2021 में गठबंधन सरकार के तहत सत्ता संभाली थी।
  • वे वेस्ट बैंक में इज़राइली बस्तियों के समर्थक रहे हैं।
  • राजनीति में आने से पहले वे कमांडो अधिकारी और सफल टेक उद्यमी रहे—उन्होंने 2005 में अपनी कंपनी 145 मिलियन डॉलर में बेची थी।
  • उन्हें युवा वर्ग में भी समर्थन मिलता है, खासकर गाजा संघर्ष के दौरान उनकी छवि मजबूत हुई है।
  • ओपिनियन पोल्स के मुताबिक, वे नेतन्याहू के सबसे मजबूत चुनौतीकर्ताओं में से एक माने जा रहे हैं।

कौन हैं यैर लापिड?

  • यैर लापिड एक मध्यमार्गी (सेंट्रिस्ट) नेता और पूर्व प्रधानमंत्री हैं।
  • उन्होंने 2012 में राजनीति में प्रवेश किया और “येश अतीद” पार्टी की स्थापना की।
  • 2022 में बेनेट सरकार गिरने के बाद वे कुछ समय के लिए कार्यवाहक प्रधानमंत्री भी रहे।
  • वे लंबे समय से इज़राइल की विपक्षी राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं।

क्षेत्रीय तनाव भी बना मुद्दा

इसी बीच, नेतन्याहू ने लेबनान के साथ युद्धविराम को लेकर हिज़्बुल्लाह पर आरोप लगाया कि वह समझौते का उल्लंघन कर रहा है।

उन्होंने कहा कि हिज़्बुल्लाह की गतिविधियां युद्धविराम को कमजोर कर रही हैं और इज़राइल हर तरह के खतरे का जवाब देने और उसे पहले ही रोकने के लिए कार्रवाई करेगा।

हालांकि, हिज़्बुल्लाह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए उल्टा इज़राइल पर ही युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि वह दक्षिणी लेबनान में अपनी मौजूदगी बनाए रखेगा।

इस तरह, एक ओर जहां इज़राइल में चुनावी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय तनाव भी राजनीतिक माहौल को और जटिल बना रहा है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।