ईडी के सामने पेश हुईं राबड़ी देवी, तेज प्रताप; लालू प्रसाद को बुधवार को तलब किया गया

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनके विधायक बेटे तेज प्रताप यादव मंगलवार को भूमि के बदले नौकरी घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए। इस मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को भी बुधवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

ईडी के सामने पेश हुईं राबड़ी देवी, तेज प्रताप; लालू प्रसाद को बुधवार को तलब किया गया
19-03-2025 - 10:24 AM

पटना। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनके विधायक बेटे तेज प्रताप यादव मंगलवार को भूमि के बदले नौकरी घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए। इस मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को भी बुधवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी।

राबड़ी देवी (66) अपनी बड़ी बेटी और पटना की सांसद मीसा भारती के साथ बैंक रोड स्थित ईडी कार्यालय पहुंचीं। इस दौरान सैकड़ों राजद कार्यकर्ता भी वहां पहुंचे और मां-बेटी के समर्थन में नारेबाजी की। तेज प्रताप यादव (36) भी अलग से ईडी कार्यालय पहुंचे और जांचकर्ताओं के सामने पेश हुए।

सूत्रों के अनुसार, लालू प्रसाद यादव (76) को बुधवार को पटना स्थित ईडी कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। बताया जा रहा है कि पूछताछ का यह नया दौर कुछ "अतिरिक्त तथ्यों" के सामने आने के कारण जरूरी हो गया है। इन तीनों के बयान धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज किए जाएंगे।

चुनावों से पहले बिहार की राजनीति में हलचल तेज है। भूमि के बदले नौकरी घोटाले में लालू परिवार पर शिकंजा कसता जा रहा है। राबड़ी देवी और तेज प्रताप की पेशी के बाद अब निगाहें बुधवार को लालू यादव की ईडी में पेशी पर टिकी हैं। वहीं, राजद इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दे रहा है।

राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा, यह अब स्पष्ट हो गया है कि भाजपा जब भी किसी राज्य में चुनाव का सामना करती है, तो अपने विरोधियों पर केंद्रीय एजेंसियों को छोड़ देती है। हमने झारखंड और दिल्ली में यह देखा, अब बिहार में हो रहा है।”

इस मामले में पहले भी लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव से ईडी द्वारा पूछताछ की जा चुकी है। पिछले साल ईडी ने इस मामले में दिल्ली की एक अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल की थी, जिसमें राबड़ी देवी, उनकी बेटियां मीसा भारती और हेमा यादव समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था।

क्या है मामला?

यह मामला तब का है जब लालू यादव 2004 से 2009 के बीच UPA-1 सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि उन्होंने ग्रुप डी की नियुक्तियों के लिए भ्रष्टाचार किया और उम्मीदवारों से जमीन के बदले नौकरी देने की मांग की।

CBI की FIR के अनुसार, उम्मीदवारों से रेलवे में नौकरी पाने के बदले में नाममात्र की कीमत पर जमीन ट्रांसफर करने को कहा गया था। ईडी की जांच इसी FIR के आधार पर चल रही है।

ईडी के अनुसार

  • लालू परिवार के सदस्यों ने उन उम्मीदवारों के परिवार से सस्ते में ज़मीन के टुकड़े खरीदे, जिन्हें रेलवे में नौकरी दी गई।
  • आरोपी हृदयनंद चौधरी, जो पहले राबड़ी देवी की गौशाला में कर्मचारी था, ने एक उम्मीदवार से ज़मीन ली और बाद में वही संपत्ति हेमा यादव को ट्रांसफर कर दी।
  • A K Infosystems Pvt. Ltd. और A B Exports Pvt. Ltd. जैसी कंपनियों को शेल कंपनियां बताया गया है, जिनके जरिए अपराध से अर्जित धन लालू परिवार तक पहुंचाया गया।
  • इन कंपनियों के नाम पर अचल संपत्तियां खरीदी गईं, जिन्हें फ्रंट मैन द्वारा संचालित किया गया।

ईडी अब इन नए तथ्यों के आधार पर राबड़ी देवी, तेज प्रताप और लालू यादव से फिर से पूछताछ कर रही है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।