INDI गठबंधन में पहली बड़ी दरार: डीएमके ने लोकसभा में कांग्रेस सांसदों के साथ बैठने से किया इनकार
विपक्षी राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत देते हुए Dravida Munnetra Kazhagam (डीएमके) ने लोकसभा अध्यक्ष Om Birla को पत्र लिखकर सदन में अपनी सीट व्यवस्था बदलने की मांग की है। पार्टी ने साफ कहा है..
नयी दिल्ली। विपक्षी राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत देते हुए Dravida Munnetra Kazhagam (डीएमके) ने लोकसभा अध्यक्ष Om Birla को पत्र लिखकर सदन में अपनी सीट व्यवस्था बदलने की मांग की है। पार्टी ने साफ कहा है कि अब उसके सांसद Indian National Congress के सांसदों के साथ बैठना उचित नहीं समझते।
डीएमके सांसद Kanimozhi ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा,
“बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों और सरकार के साथ हमारे गठबंधन समाप्त होने के कारण कांग्रेस के साथ पूर्ववत सीट व्यवस्था बनाए रखना अब उचित नहीं होगा।”
उन्होंने डीएमके संसदीय दल के सांसदों के लिए लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया ताकि वे अपने संसदीय दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।
कांग्रेस पर “विश्वासघात” का आरोप
डीएमके ने सार्वजनिक रूप से कांग्रेस के खिलाफ नाराजगी जताई है। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस ने चुनाव पूर्व गठबंधन की भावना के विपरीत जाकर सरकार गठन के लिए Vijay की Tamilaga Vettri Kazhagam (टीवीके) को समर्थन देकर डीएमके के साथ “विश्वासघात” किया।
तमिलनाडु की राजनीति में यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि टीवीके के उभार ने पारंपरिक द्रविड़ दलों डीएमके और एआईएडीएमके दोनों को झटका दिया है।
भाजपा का तंज—“INDIA गठबंधन खत्म”
Bharatiya Janata Party ने इस घटनाक्रम पर विपक्ष पर निशाना साधा। भाजपा सांसद Nishikant Dubey ने कहा कि INDIA गठबंधन अब इतिहास बन चुका है।
उन्होंने कहा,
“INDI अब इतिहास है। कांग्रेस हमेशा इस्तेमाल करो और छोड़ दो की राजनीति करती रही है। 2004 से 2014 के दौरान कांग्रेस ने भ्रष्टाचार का फायदा उठाया और अपने सहयोगियों को जेल भेजा, खासकर महिला सांसद कनिमोझी और ए राजा को। सही समय पर कांग्रेस का असली चेहरा सामने लाने के लिए डीएमके को बधाई।”
अखिलेश यादव का कांग्रेस पर परोक्ष हमला
इसी बीच Akhilesh Yadav ने डीएमके प्रमुख M K Stalin से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर परोक्ष निशाना साधते हुए कहा,
“हम वे लोग नहीं हैं जो मुश्किल समय में एक-दूसरे का साथ छोड़ दें।”
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह टिप्पणी दो तस्वीरों के साथ साझा की, जिनमें वह Mamata Banerjee और एमके स्टालिन से मुलाकात करते नजर आए।
बंगाल और तमिलनाडु में बदला राजनीतिक समीकरण
हालिया चुनावों में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों राज्यों में सत्तारूढ़ दलों को बड़ा झटका लगा है।
पश्चिम बंगाल में Bharatiya Janata Party ने भारी जीत दर्ज की, जबकि तमिलनाडु में विजय की टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। इसके चलते डीएमके और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (एआईएडीएमके) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर पहुंच गए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि डीएमके का यह कदम INDI गठबंधन के भीतर बढ़ती असहमति का पहला खुला संकेत है, जिसका असर आने वाले समय में राष्ट्रीय विपक्षी राजनीति पर पड़ सकता है।
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