जीएसटी परिषद ने व्यापारियों को राहत दी, पंजीकरण और रिफंड प्रक्रिया होगी आसान

व्यापारियों और उद्योग जगत के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। जीएसटी परिषद ने शुक्रवार को कई ऐसे अहम निर्णय लिये हैं, जिनका मकसद ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देना और कारोबारियों की परेशानियों को कम करना

जीएसटी परिषद ने व्यापारियों को राहत दी, पंजीकरण और रिफंड प्रक्रिया होगी आसान
05-09-2025 - 09:05 AM

नयी दिल्ली। व्यापारियों और उद्योग जगत के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। जीएसटी परिषद ने शुक्रवार को कई ऐसे अहम निर्णय लिये हैं, जिनका मकसद ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा देना और कारोबारियों की परेशानियों को कम करना है। परिषद ने विशेष रूप से पंजीकरण और रिफंड प्रक्रिया को सरल बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है।

छोटे कारोबारियों के लिए नई पंजीकरण योजना

जीएसटी परिषद ने छोटे और कम जोखिम वाले व्यवसायों के लिए एक वैकल्पिक सरल जीएसटी पंजीकरण योजना को मंजूरी दी है।

  • इस नई व्यवस्था के तहत, अगर कोई व्यापारी या व्यवसायी कम जोखिम श्रेणी में आता है और उसका अनुमान है कि पंजीकृत ग्राहकों को की जाने वाली आपूर्ति पर उसकी मासिक कर देनदारी 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होगी, तो वह इस योजना के तहत पंजीकरण ले सकता है।
  • इस स्थिति में पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित होगी और आवेदन जमा करने के महज़ तीन घंटे के भीतर पंजीकरण नंबर जारी कर दिया जाएगा।
  • यह योजना पूरी तरह स्वैच्छिक होगी। यानी कोई भी व्यापारी इसमें अपनी इच्छा से शामिल हो सकता है और चाहे तो बाद में इससे बाहर भी निकल सकता है।
  • परिषद का मानना है कि यह कदम लगभग 96 प्रतिशत नए आवेदकों को लाभ पहुंचाएगा।
  • नई योजना 1 नवंबर से लागू की जाएगी।

ई-कॉमर्स आपूर्तिकर्ताओं के लिए सहूलियत

परिषद ने एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। छोटे आपूर्तिकर्ता जो ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न राज्यों में सामान की आपूर्ति करते हैं, उनके लिए भी एक सरल पंजीकरण योजना लाने के सिद्धांत को मंजूरी दी गई है। इससे छोटे विक्रेताओं को जीएसटी पंजीकरण संबंधी जटिलताओं से राहत मिलेगी और उन्हें ई-कॉमर्स बाजार में आसानी से कारोबार करने का मौका मिलेगा।

रिफंड प्रक्रिया में बड़ा बदलाव

परिषद ने रिफंड प्रक्रिया को लेकर भी अहम सिफारिश की है। अब सीजीएसटी नियमों में संशोधन किया जाएगा, जिसके तहत किसी व्यापारी या उद्योग द्वारा क्लेम किए गए रिफंड का 90 प्रतिशत हिस्सा अस्थायी रिफंड के रूप में जारी कर दिया जाएगा।

  • यह अस्थायी रिफंड अधिकारी द्वारा सिस्टम में जोखिम की पहचान और मूल्यांकन के आधार पर स्वीकृत होगा।
  • केवल अपवादस्वरूप स्थितियों में ही अधिकारी पूरा रिफंड तुरंत जारी करने के बजाय क्लेम की विस्तृत जांच करेंगे।
  • इससे ईमानदारी से कारोबार करने वाले उद्योगों और व्यापारियों को तेजी से नकदी प्रवाह (cash flow) उपलब्ध होगा और उनका कामकाज प्रभावित नहीं होगा।

व्यापारियों को मिलेगी बड़ी राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि परिषद के इन फैसलों से जीएसटी प्रणाली को लेकर व्यापारियों में लंबे समय से चली आ रही शिकायतें काफी हद तक कम होंगी।

  • पंजीकरण में लगने वाले लंबे इंतजार और कागजी कार्रवाई से मुक्ति मिलेगी।
  • रिफंड में होने वाली देरी, जो अक्सर व्यापारियों की पूंजी फंसा देती थी, अब काफी हद तक दूर होगी।

परिषद के अनुसार, इन सुधारों से न केवल व्यापार करने की सुगमता (Ease of Doing Business) बढ़ेगी, बल्कि उद्योग जगत में जीएसटी व्यवस्था के प्रति विश्वास भी मजबूत होगा।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।