ऑस्ट्रियाई अर्थशास्त्री गुनथर फेलिंगर की ‘भारत को तोड़ने’ की अपील पर हंगामा; पुराने पोस्ट में राहुल गांधी को पीएम पद का समर्थन
ऑस्ट्रिया के अर्थशास्त्री गुनथर फेलिंगर-जान, जो स्वयं को नाटो के एक “एनलार्जमेंट कमेटी” (विस्तार समिति) का प्रमुख बताते हैं, ने भारत को “एक्स-इंडिया में विघटित” करने की आपत्तिजनक अपील की है। उनकी इस टिप्पणी ने पूरे भारत में तीखी निंदा और आक्रोश को जन्म दिया..
नयी दिल्ली। ऑस्ट्रिया के अर्थशास्त्री गुनथर फेलिंगर-जान, जो स्वयं को नाटो के एक “एनलार्जमेंट कमेटी” (विस्तार समिति) का प्रमुख बताते हैं, ने भारत को “एक्स-इंडिया में विघटित” करने की आपत्तिजनक अपील की है। उनकी इस टिप्पणी ने पूरे भारत में तीखी निंदा और आक्रोश को जन्म दिया है।
मामले को और भड़काने वाला पहलू यह है कि उनका 2023 का एक पुराना पोस्ट अब फिर से सामने आया है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भारत का अगला प्रधानमंत्री बनाने का समर्थन किया था। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर रूस और चीन के साथ हाथ मिलाने का आरोप लगाया था।
फेलिंगर ने विवाद को और हवा देते हुए एक नक्शा भी साझा किया, जिसमें पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान को तथाकथित “खालिस्तान” का हिस्सा दिखाया गया। वहीं जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान का भाग दर्शाया गया। इस नक्शे ने ऑनलाइन गुस्से की आग और तेज कर दी।
हालांकि विवादित नक्शे को बाद में ब्लॉक कर दिया गया और भारत में उनका अकाउंट भी रोक दिया गया लेकिन इससे पहले ही नेताओं और आम नागरिकों से भारी आलोचना हो चुकी थी।
नेटिज़न्स की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर नेटिज़न्स ने गुस्से से भरी प्रतिक्रियाएं दीं। किसी ने उन्हें “ट्रोल” कहा तो किसी ने विदेश मंत्रालय से ऑस्ट्रिया के राजदूत को तलब करने की मांग कर डाली।
एक यूज़र ने लिखा, “मोदी न झुकते हैं, न टूटते हैं, न बिकते हैं। इन्हें ऐसा कठपुतली पीएम चाहिए जो उनकी सीटी पर पूंछ हिलाए। यही वजह है कि पप्पू (राहुल गांधी) इन्हें सपनों का उम्मीदवार लगता है – न हिम्मत, न दिमाग, बस 100% आज्ञाकारिता।”
दूसरे यूज़र्स ने इसे भारत की बढ़ती ताक़त के ख़िलाफ़ पश्चिमी देशों की छिपी साज़िश करार दिया। उसने लिखा,“ये ऑस्ट्रिया का नासमझ आदमी है। भारत में ऑस्ट्रियाई राजदूत को बुलाकर जवाब मांगा जाए। क्या यही यूरोपीय संघ की गुप्त इच्छा है? शायद! क्योंकि पश्चिमी देश एक उभरती महाशक्ति और बहुध्रुवीय विश्व को पसंद नहीं करते।”
एक और अकाउंट ने लिखा, “रेजीम चेंज ऑपरेशन चल रहा है और अब ये भी साफ़ हो गया है कि भारत में उनका पिट्ठू कौन है – राहुल गांधी।”
गुनथर फेलिंगर कौन हैं?
- जन्म: 1968, लिंज़ (ऑस्ट्रिया)
- शिक्षा: वियना यूनिवर्सिटी ऑफ इकोनॉमिक्स एंड बिज़नेस से इंटरनेशनल बिज़नेस में मास्टर डिग्री
- पहचान: यूरोपीय नीति हलकों में नाटो और यूरोपीय संघ के विस्तार के कट्टर समर्थक
- अभियान: अक्सर ऐसे देशों के विघटन की वकालत करना, जिन्हें नाटो या पश्चिम का प्रतिद्वंद्वी माना जाता है।
- पूर्व टिप्पणियां: रूस के टुकड़े करने और पूर्वी यूरोप की सीमाएं बदलने की मांग उठाई थी।
हालांकि फेलिंगर किसी भी सरकार में आधिकारिक पद पर नहीं हैं, लेकिन उनके बयान इंटरनेट पर तेजी से फैलते हैं और भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप की आशंका को गहरा करते हैं।
उनकी हालिया टिप्पणी ने एक बार फिर पश्चिमी देशों के राजनीतिक पूर्वाग्रहों और भारत की घरेलू राजनीति पर उसके असर की बहस को तेज कर दिया है।
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