“हिंडनबर्ग के आरोप बेतुके साबित हुए”: SEBI से क्लीन चिट मिलने के बाद बोले गौतम अडाणी
शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों पर पूंजी बाजार नियामक SEBI से क्लीन चिट मिलने के बाद अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने कहा कि “सत्यमेव जयते” सच की ही जीत होती है। उन्होंने कहा कि सेबी का यह आदेश एक बार फिर साबित करता है कि हिंडनबर्ग के सभी आरोप निराधार..
नयी दिल्ली। शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च के आरोपों पर पूंजी बाजार नियामक SEBI से क्लीन चिट मिलने के बाद अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने कहा कि “सत्यमेव जयते” सच की ही जीत होती है। उन्होंने कहा कि सेबी का यह आदेश एक बार फिर साबित करता है कि हिंडनबर्ग के सभी आरोप निराधार थे।
अडाणी ने उन निवेशकों के प्रति सहानुभूति भी जताई, जिन्हें इस “प्रेरित और भ्रामक रिपोर्ट” की वजह से नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने गुरुवार को X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “लंबी जांच-पड़ताल के बाद सेबी ने वही दोहराया जो हम हमेशा कहते रहे हैं—हिंडनबर्ग के दावे पूरी तरह बेबुनियाद थे। अडाणी ग्रुप की पहचान हमेशा पारदर्शिता और ईमानदारी से रही है। जिन निवेशकों ने इस झूठी और साज़िशनुमा रिपोर्ट के कारण पैसा गंवाया, हम उनका दर्द गहराई से महसूस करते हैं। झूठ फैलाने वालों को देश से माफी मांगनी चाहिए।”
उन्होंने आगे लिखा, “हमारी प्रतिबद्धता भारत की संस्थाओं, भारत की जनता और राष्ट्र निर्माण के प्रति अडिग है। सत्यमेव जयते! जय हिंद!”
गौरतलब है कि सेबी ने अडाणी और उनकी कंपनियों—अडाणी एंटरप्राइजेज, अडाणी पोर्ट्स और अडाणी पावर को हिंडनबर्ग रिसर्च की ओर से लगाए गए स्टॉक मैनिपुलेशन (शेयरों में हेराफेरी) के आरोपों से मुक्त कर दिया है।
सेबी ने दो आदेशों में कहा कि इनसाइडर ट्रेडिंग, मार्केट मैनिपुलेशन और पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप साबित नहीं हो पाए।
जनवरी 2023 में हिंडनबर्ग ने आरोप लगाया था कि अडिकॉर्प एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, मिलस्टोन ट्रेडलिंक्स प्राइवेट लिमिटेड और रेहवर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड जैसी तीन कंपनियों का इस्तेमाल अडाणी ग्रुप की कंपनियों के बीच पैसे घुमाने के लिए किया गया।
हालांकि, सेबी ने पाया कि इन लेन-देन में डिस्क्लोज़र नॉर्म्स का कोई उल्लंघन नहीं हुआ, क्योंकि वे रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन की परिभाषा में आते ही नहीं थे।
अडाणी ग्रुप शुरू से ही हिंडनबर्ग के आरोपों को “निराधार और दुर्भावनापूर्ण” बताता रहा है। वहीं, इस साल जनवरी में हिंडनबर्ग के संस्थापक नेट एंडरसन ने ऐलान किया था कि कंपनी को भंग कर दिया जाएगा।
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