हैदराबाद के पास रासायनिक फैक्ट्री में भीषण विस्फोट: 15 मजदूरों की मौत, 35 घायल
तेलंगाना के मेडक जिले के पाषमायलारम गांव में सोमवार सुबह एक बहुमंजिला रासायनिक फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ, जिसमें कम से कम 15 मजदूरों की मौत हो गई और 35 अन्य घायल हो गए, जिनमें 12 की हालत गंभीर है..
हैदराबाद। तेलंगाना के मेडक जिले के पाषमायलारम गांव में सोमवार सुबह एक बहुमंजिला रासायनिक फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ, जिसमें कम से कम 15 मजदूरों की मौत हो गई और 35 अन्य घायल हो गए, जिनमें 12 की हालत गंभीर है।
अधिकारियों ने बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कई मजदूर मलबे में दबे होने की आशंका है।
धमाका कैसे हुआ?
धमाका सुबह करीब 9:20 बजे हुआ, जब 500 करोड़ रुपये की लागत वाली सिगाची इंडस्ट्रीज में लगभग 60 मजदूर ड्यूटी पर पहुंचे थे।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि क्वालिटी कंट्रोल यूनिट में ड्रायर की खराबी के कारण विस्फोट हुआ।
फैक्ट्री का एक पूरा भवन मलबे में तब्दील हो गया।
- धमाके के वक्त वाइस प्रेसिडेंट (ऑपरेशंस) एम ई इलंगोवन अपनी कार से बाहर निकल ही रहे थे और अब लापता हैं।
- इससे यह पता लगाना मुश्किल हो गया है कि उस वक्त बिल्डिंग में कितने लोग मौजूद थे।
धमाके के बाद का मंजर
- कई मजदूर सीमेंट के टुकड़ों के नीचे दब गए, जबकि कुछ की जलकर मौत हो गई।
- धमाके के बाद आग फैल गई, जिससे कई शवों की पहचान मुश्किल हो गई है।
- सोमवार देर रात तक केवल 4 शवों की ही पहचान हो पाई थी।
पीड़ित मजदूर कहां से थे?
मजदूरों का संबंध तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से बताया गया है।
प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और
- मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये,
- घायलों को 50,000 रुपये की सहायता राशि की घोषणा की।
- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी मंगलवार को घायलों से मिलने अस्पताल जाएंगे।
- उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य सचिव और डीजीपी को राहत व बचाव कार्यों की निगरानी का आदेश दिया है।
- एक 5-सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है जो विस्फोट के कारणों की जांच करेगी और रोकथाम के उपाय सुझाएगी।
मृतकों व लापता लोगों के परिजन बेहाल
- कई परिवारों को अभी तक अपने प्रियजनों की कोई खबर नहीं मिली है।
- सिद्धांत गोण्डा (19), जो तीन महीने पहले ही क्वालिटी कंट्रोल यूनिट में भर्ती हुए थे, अब तक लापता हैं।
- मुन्नीलाल (55) के भतीजे शुबहम चौधरी ने कहा कि उन्होंने बाहर जले हुए शव देखे हैं, लेकिन उन्हें अपने चाचा की जानकारी नहीं मिली।
- पूजा, जो अपने चाचा दिलीप गोसाई, भाई दीपक परस्वान और चचेरे भाई नागा परस्वान को ढूंढ़ रही हैं, बोलीं, "हमारे परिवार में से सिर्फ एक ही बच पाया है।"
राहत-बचाव कार्य जारी
- फायर और डिजास्टर रिस्पॉन्स यूनिट्स, मलबा हटाने में जुटी हैं।
- एसडीआरएफ टीम और दो रोबोट मौके पर तैनात किए गए हैं।
- रात में सर्च ऑपरेशन जारी रखने के लिए एरियल लाइटिंग सिस्टम लगाए गए हैं।
कंपनी की ओर से बयान
सिगाची इंडस्ट्रीज, जो माइक्रोक्रिस्टलाइन सेलुलोज (MCC) बनाती है, ने शेयर बाजारों को सूचना दी कि
“हमारी फैक्ट्री के आस-पास एक दुर्घटना घटी है।”
कंपनी ने यह भी बताया कि..
- उनकी फैक्ट्री पूरी तरह से बीमित है और
- वह आवश्यक बीमा दावे दाखिल करेगी।
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