हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर दिखा ‘Indians Onboard’ संदेश, हमले से बचने की नई रणनीति
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच Strait of Hormuz से गुजरने वाले कई जहाजों ने अपने सिस्टम पर “All India Crew”, “Indian Crew Onboard” और “All Indian Onboard” जैसे संदेश दिखाने शुरू कर दिए..
नयी दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच Strait of Hormuz से गुजरने वाले कई जहाजों ने अपने सिस्टम पर “All India Crew”, “Indian Crew Onboard” और “All Indian Onboard” जैसे संदेश दिखाने शुरू कर दिए हैं। माना जा रहा है कि यह कदम ईरानी हमलों से बचने की एक रणनीति हो सकता है।
मीडिया रिपोर्टों में गुरुवार को दावा किया गया कि ईरान ने अब भारतीय झंडे वाले जहाजों को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है। इसके बाद शुक्रवार सुबह तक कम से कम पांच भारत से जुड़े जहाज इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरते दिखाई दिए, जबकि जहाज ट्रैकिंग मैप पर कई अन्य जहाज भी दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने इन रिपोर्टों की न तो पुष्टि की और न ही खंडन किया। उन्होंने कहा कि भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने हाल के दिनों में अपने ईरानी समकक्ष से तीन बार बातचीत की है।
उनके मुताबिक, “सबसे हाल की बातचीत में समुद्री जहाजों की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा हुई। इससे आगे इस समय कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।”
जहाजों की गतिविधियों पर नजर
इन घटनाओं के बाद इंडिया टुडे की टीम ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास काम कर रहे जहाजों की गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से ट्रैक करना शुरू किया। इसमें उन जहाजों पर खास ध्यान दिया गया जो भारत जा रहे थे या किसी तरह भारत से जुड़े थे।
जांच में यह सामने आया कि संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार कई जहाजों ने खुद को भारत से जुड़ा बताते हुए संदेश प्रसारित किए।
AIS सिस्टम पर दिखे संदेश
जहाजों द्वारा प्रसारित ये संदेश उनके AIS (Automatic Identification System) ट्रांसपोंडर के माध्यम से भेजे जाते हैं। यह जीपीएस आधारित प्रणाली होती है, जो जहाज की स्थिति सार्वजनिक रूप से प्रसारित करती है।
सामान्य तौर पर इन संदेशों में जहाज का अगला बंदरगाह या गंतव्य लिखा होता है, ताकि नौवहन सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन में मदद मिल सके।
लेकिन, क्योंकि इन संदेशों की वास्तविक समय में पुष्टि नहीं होती इसलिए कई जहाज अतिरिक्त जानकारी—जैसे मालिकाना हक या राष्ट्रीयता—भी लिख देते हैं।
ईरान का नया संकेत
इस बीच ईरान के नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने गुरुवार को कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखना “दुश्मनों पर दबाव बनाने का एक उपकरण” है। वह अपने पिता Ali Khamenei की मृत्यु के बाद इस पद पर आए हैं।
हालांकि संदेश में थोड़ा बदलाव तब दिखा जब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी के कमांडर Alireza Tangsiri के हवाले से रिपोर्ट आई कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को औपचारिक अनुमति लेनी होगी और ईरानी नौसेना से समन्वय करना पड़ेगा।
चीन से जुड़ी पहचान दिखाने की पुरानी रणनीति
इससे पहले भी संघर्ष के दौरान कई तेल टैंकर और मालवाहक जहाजों ने अपने AIS संदेशों में चीन से जुड़े होने का संकेत दिया था।
कुछ मामलों में जहाजों ने मुस्लिम पहचान का भी जिक्र किया था, ताकि ईरान या उसके समर्थक समूहों के हमलों से बचा जा सके।
भारत से जुड़े जहाजों का ट्रांजिट
विश्लेषण में कम से कम चार भारतीय झंडे वाले मालवाहक जहाज और एक भारत की ओर जा रहा जहाज हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरते दिखाई दिए।
भारत से जुड़े तीन जहाज — Shenlong, Pushpak और Parimal — सुरक्षित रूप से इस समुद्री मार्ग को पार करने में सफल रहे। इनमें से Shenlong गुरुवार को Mumbai Port पर पहुंच गया।
रिपोर्ट के मुताबिक यात्रा के दौरान इसके रास्ते का एक बड़ा हिस्सा “डार्क मोड” में तय किया गया था, यानी जहाज ने कुछ समय के लिए अपनी लोकेशन ट्रांसमिट करना बंद कर दिया था।
युद्ध में जहाजों को नुकसान
खाड़ी क्षेत्र में जहाजों पर हमलों से शिपिंग कंपनियों की चिंता बढ़ गई है। गुरुवार तक इस युद्ध के दौरान क्षेत्र में कम से कम 19 वाणिज्यिक जहाज क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
इनमें से अधिकांश जहाज चीन के झंडे वाले नहीं थे। कई जहाज पनामा और मार्शल आइलैंड्स जैसे देशों के झंडे के तहत पंजीकृत थे, हालांकि जहाज का झंडा अक्सर उसके वास्तविक मालिक की राष्ट्रीयता से जुड़ा नहीं होता।
विशेषज्ञों के मुताबिक, जहाजों द्वारा “Indian Crew Onboard” जैसे संदेश दिखाना इस बात का संकेत है कि कंपनियां जोखिम कम करने के लिए नई रणनीतियां अपना रही हैं।
अगर चाहें तो मैं इस खबर का न्यूज-स्टाइल 8–10 पॉइंट का विश्लेषण (TV या अखबार के लिए) भी तैयार कर सकता हूं, जो इस पूरे समुद्री संकट और भारत पर उसके असर को और स्पष्ट करेगा।
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