बढ़ते तनाव के बीच बड़ा कदम, भारत ने बांग्लादेश की ट्रांजिट सुविधा की अनुमति रद्द की.. !
भारत ने बांग्लादेश को दी गई ट्रांजिट सुविधा को वापस ले लिया है, जिसके तहत बांग्लादेश अपने निर्यात माल को भारतीय बंदरगाहों और हवाई अड्डों के जरिए तीसरे देशों तक भेज सकता था,,
नयी दिल्ली/ढाका। भारत ने बांग्लादेश को दी गई ट्रांजिट सुविधा को वापस ले लिया है, जिसके तहत बांग्लादेश अपने निर्यात माल को भारतीय बंदरगाहों और हवाई अड्डों के जरिए तीसरे देशों तक भेज सकता था। अब यह सुविधा सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) द्वारा जारी नए परिपत्र के जरिए रद्द कर दी गई है।
क्या थी ये सुविधा?
- 2020 में भारत ने यह सुविधा दी थी, जिससे बांग्लादेश अपने माल को भारतीय लैंड कस्टम्स स्टेशनों (LCSs) से होकर दिल्ली एयरपोर्ट और पूर्वी तटीय बंदरगाहों से तीसरे देशों तक भेज सकता था।
- इसका सबसे ज्यादा उपयोग नेपाल, भूटान और म्यांमार के साथ व्यापार में हो रहा था।
भारत ने क्यों उठाया यह कदम?
- बांग्लादेश का चीन और पाकिस्तान के साथ मिलकर लालमोनिरहाट (Lalmonirhat) बेस को पुनर्जीवित करना –
यह जगह भारत के संवेदनशील सिलिगुड़ी कॉरिडोर के बेहद करीब है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पुराने ब्रिटिशकालीन एयरबेस पर काम अक्टूबर 2025 से शुरू हो सकता है। - यूनुस सरकार की चीन के प्रति झुकाव वाली टिप्पणियाँ –
बांग्लादेश के नए नेता यूनुस ने चीन दौरे पर कहा था:
“भारत के पूर्वोत्तर राज्य यानी 'सात बहनें' लैंडलॉक्ड हैं, उन्हें समुद्र तक पहुंच सिर्फ बांग्लादेश से मिलती है। हम उनके लिए एकमात्र 'गार्जियन ऑफ ओशन' हैं।”
- भारतीय बंदरगाहों के निरीक्षण के बाद नई रणनीति
जुलाई 2024 में बांग्लादेश का 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भारत आया था और चेन्नई, विशाखापत्तनम, हल्दिया आदि बंदरगाहों का निरीक्षण किया था। इसके बाद भारत-बांग्लादेश शिपिंग सचिव स्तरीय वार्ता (SSLT) ढाका में हुई थी।
इस फैसले का तात्कालिक असर
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क्षेत्र |
प्रभाव |
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भूटान, नेपाल, म्यांमार से व्यापार |
बाधित हो सकता है |
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एयर कार्गो के जरिए तीसरे देशों में निर्यात |
अब दिल्ली एयरपोर्ट नहीं कर सकेगा ट्रांजिट |
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चीन के साथ बढ़ता सामरिक तनाव |
भारत की प्रतिक्रिया और सख्ती बढ़ सकती है |
राजनीतिक पृष्ठभूमि
- अगस्त 5, 2024 को बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने विरोध प्रदर्शनों के बाद इस्तीफा दिया और भारत में शरण ली।
- नई सरकार यूनुस के नेतृत्व में है, जो चीन और पाकिस्तान से सहयोग बढ़ाने की दिशा में सक्रिय है।
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