वर्ल्ड कप विजेता कोच अमोल मजूमदार को खिलाड़ियों से 10 गुना कम इनाम, फैसले पर उठे सवाल
मुंबई। भारत की महिला क्रिकेट टीम ने 2 नवंबर को इतिहास रचते हुए पहली बार वर्ल्ड कप जीत लिया। इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय जहाँ मैदान पर शानदार प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों को जाता है, वहीं इसके पीछे मुख्य कोच अमोल मजूमदार की रणनीतिक सोच और मार्गदर्शन की अहम भूमिका रही। लेकिन, अब एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है—वर्ल्ड कप जीताने वाले कोच अमोल मजूमदार को खिलाड़ियों की तुलना में 10 गुना कम इनाम
मुंबई। भारत की महिला क्रिकेट टीम ने 2 नवंबर को इतिहास रचते हुए पहली बार वर्ल्ड कप जीत लिया। इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय जहाँ मैदान पर शानदार प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों को जाता है, वहीं इसके पीछे मुख्य कोच अमोल मजूमदार की रणनीतिक सोच और मार्गदर्शन की अहम भूमिका रही। लेकिन, अब एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है—वर्ल्ड कप जीताने वाले कोच अमोल मजूमदार को खिलाड़ियों की तुलना में 10 गुना कम इनाम मिलेगा।
खिलाड़ियों को करोड़ों, कोच को लाखों का पुरस्कार
महाराष्ट्र कैबिनेट द्वारा बुधवार को लिए गए निर्णय के अनुसार, महाराष्ट्र की तीन खिलाड़ियों — स्मृति मंधाना, जेमिमा रॉड्रिग्स और राधा यादव को प्रत्येक को ₹2.25 करोड़ का नकद पुरस्कार दिया जाएगा जबकि मुख्य कोच अमोल मजूमदार को मात्र ₹22.5 लाख का इनाम मिलेगा।
इनाम राशि में यह भारी अंतर सोशल मीडिया और खेल जगत में न्यायसंगतता पर बहस का विषय बन गया है।
टीम को नई सोच और आत्मविश्वास देने वाले कोच
अक्टूबर 2023 में भारत की महिला टीम के हेड कोच नियुक्त हुए अमोल मजूमदार ने टीम की मानसिकता और रणनीति दोनों में गजब का बदलाव लाया।
उनकी कोचिंग में टीम ने न केवल एशिया कप जीता, बल्कि फिटनेस और फील्डिंग के स्तर को भी नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया।
बिलेट्रल सीरीज में लगातार जीत दर्ज करने के बाद, मजूमदार की रणनीति ने वर्ल्ड कप में टीम को खिताबी मंजिल तक पहुँचाया।
उनका सबसे बड़ा दांव था युवा ओपनर प्रतिका रावल को स्मृति मंधाना के साथ उतारना। रावल ने चोट लगने से पहले टूर्नामेंट में 300 से अधिक रन बनाए और टीम के शीर्ष स्कोररों में शामिल रहीं।
टूर्नामेंट की शुरुआत में टीम इंडिया ने लगातार तीन मैच गंवाए, जिससे मनोबल गिर गया था।
लेकिन मजूमदार की शांत स्वभाव और सामरिक समझ के बल पर टीम ने शानदार वापसी की —
सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराया और फिर फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को मात देकर पहली बार वर्ल्ड कप जीत हासिल की।
घरेलू क्रिकेट का महान खिलाड़ी
अमोल मजूमदार ने भले ही भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है।
उन्होंने 171 प्रथम श्रेणी मैचों में 11,167 रन बनाए हैं, जिसमें 30 शतक शामिल हैं। उनका शांत स्वभाव, गहरी समझ और नेतृत्व क्षमता आज भारतीय महिला क्रिकेट के सबसे बड़े स्तंभों में गिनी जा रही है।
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