भारत-चीन संबंधों में नई शुरुआत: सीमा व्यापार फिर से खुलेगा, सीधी उड़ानें शुरू होंगी और वीज़ा प्रक्रिया आसान होगी
भारत और चीन ने मंगलवार को इस बात पर सहमति जताई कि दोनों देश संवाद तंत्र को फिर से शुरू करेंगे, सीधी उड़ानों को बहाल करेंगे और व्यापार व निवेश प्रवाह को बढ़ाएँगे। यह कदम 2020 के गलवान घाटी संघर्ष के बाद से तनावपूर्ण रिश्तों को नई दिशा देने का..
नयी दिल्ली। भारत और चीन ने मंगलवार को इस बात पर सहमति जताई कि दोनों देश संवाद तंत्र को फिर से शुरू करेंगे, सीधी उड़ानों को बहाल करेंगे और व्यापार व निवेश प्रवाह को बढ़ाएँगे। यह कदम 2020 के गलवान घाटी संघर्ष के बाद से तनावपूर्ण रिश्तों को नई दिशा देने का संकेत है।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि दोनों देश एक-दूसरे की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए “सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मैत्रीपूर्ण परामर्श” करेंगे।
सीमा वार्ता और व्यापार समझौता
नयी दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी की अध्यक्षता में सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों की 24वीं दौर की वार्ता संपन्न हुई।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और चीन ने तीन निर्धारित बिंदुओं पर सीमा व्यापार फिर से खोलने और सहयोग बढ़ाने के लिए विभिन्न संवाद तंत्र और आदान-प्रदान को पुनर्जीवित करने पर सहमति जताई है।
प्रधानमंत्री मोदी और वांग यी की मुलाकात
मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। इससे पहले वांग ने अजीत डोभाल और सोमवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी चर्चा की थी।
मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि कज़ान में पिछले साल राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई उनकी बातचीत के बाद से भारत-चीन संबंध “एक-दूसरे के हितों और संवेदनशीलताओं के सम्मान के मार्गदर्शन में स्थिर प्रगति कर रहे हैं।”
Glad to meet Foreign Minister Wang Yi. Since my meeting with President Xi in Kazan last year, India-China relations have made steady progress guided by respect for each other's interests and sensitivities. I look forward to our next meeting in Tianjin on the sidelines of the SCO… pic.twitter.com/FyQI6GqYKC — Narendra Modi (@narendramodi) August 19, 2025
मोदी ने कहा कि स्थिर और रचनात्मक भारत-चीन संबंध क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए महत्वपूर्ण हैं और उन्होंने संकेत दिया कि वे तिआनजिन में होने वाले आगामी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने की आशा रखते हैं।
शी जिनपिंग का संदेश और आमंत्रण
वांग यी सोमवार को दिल्ली पहुँचे और उन्होंने मोदी को राष्ट्रपति शी जिनपिंग का संदेश और SCO सम्मेलन का निमंत्रण सौंपा।
सोमवार शाम नयी दिल्ली पहुँचने के तुरंत बाद वांग यी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। बैठक की शुरुआत में जयशंकर ने प्रसारित बयान में कहा, “हमारे रिश्तों में कठिन दौर देखने के बाद… अब हमारे दोनों देशों की कोशिश आगे बढ़ने की है। इसके लिए दोनों पक्षों से स्पष्ट और रचनात्मक दृष्टिकोण आवश्यक है।”
उन्होंने आगे कहा, “इस प्रयास में हमें तीन ‘म्यूचुअल’ – आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित से मार्गदर्शित होना चाहिए। मतभेद विवाद में न बदलें और प्रतिस्पर्धा संघर्ष में न बदले।”
यह वही बात थी जिसे जयशंकर ने जुलाई में चीन में आयोजित SCO विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान भी दोहराया था।
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