मोदी और ट्रंप हमेशा अच्छे मित्र रहे हैं: विदेश मंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भावनाओं की गहराई से सराहना करते हुए और उनका प्रत्युत्तर देते हुए कहा कि यह समय दोनों पक्षों के लिए रिश्तों में आई नकारात्मकता को खत्म करने और नए सिरे से संबंधों को मजबूत करने का हो सकता है। गौरतलब है कि पिछले 20 वर्षों में चरम पर पहुंचे भारत-अमेरिका संबंध ट्रंप के कार्यकाल..

मोदी और ट्रंप हमेशा अच्छे मित्र रहे हैं: विदेश मंत्री
07-09-2025 - 08:46 AM

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भावनाओं की गहराई से सराहना करते हुए और उनका प्रत्युत्तर देते हुए कहा कि यह समय दोनों पक्षों के लिए रिश्तों में आई नकारात्मकता को खत्म करने और नए सिरे से संबंधों को मजबूत करने का हो सकता है। गौरतलब है कि पिछले 20 वर्षों में चरम पर पहुंचे भारत-अमेरिका संबंध ट्रंप के कार्यकाल में बुरी तरह प्रभावित हुए थे।

इसके तुरंत बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यह संदेश और मजबूत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका के साथ साझेदारी को बेहद महत्व देते हैं और ट्रंप के साथ उनका हमेशा बहुत अच्छा व्यक्तिगत समीकरण रहा है। जयशंकर ने कहा, लेकिन मुद्दा यह है कि हम अमेरिका के साथ लगातार जुड़े हुए हैं, और इस समय मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकता। लेकिन, यही असल बात है।”

जयशंकर इस महीने न्यूयॉर्क में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 80वें सत्र में भाग लेने जाएंगे।

क्या मोदी-ट्रंप की फोन कॉल संभव?

यह घटनाक्रम दोनों नेताओं के बीच फोन पर बातचीत की संभावना खोलता है, हालांकि राजनयिक सूत्रों ने इसकी पुष्टि नहीं की कि ऐसा कोई प्रस्ताव मौजूद है। यूएनजीए के इतर एक द्विपक्षीय बैठक ट्रंप से भारत-अमेरिका साझेदारी पर फिर से प्रतिबद्धता जतवाने का बेहतर अवसर होती, लेकिन शुक्रवार देर रात जारी वक्ताओं की सूची से संकेत मिला कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मोदी नहीं बल्कि जयशंकर करेंगे।

भारत ने जुलाई में 26 सितंबर को प्रधानमंत्री के संबोधन के लिए स्लॉट सुरक्षित रखा था। हालांकि अब महासभा को बताया गया है कि भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य मंत्री-स्तर (जयशंकर) पर दिया जाएगा। फिर भी, यदि प्रधानमंत्री अपना मन बदलते हैं तो वे न्यूयॉर्क जा सकते हैं, क्योंकि ताज़ा सूची केवल प्रारंभिक (प्रोविजनल) है।

भारत की उम्मीदें और चिंताएँ

भारत की कोशिश होगी कि ट्रंप अपने ताज़ा बयानों पर कायम रहें। इससे पहले भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम पर ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने संघर्ष खत्म कराया लेकिन बाद में उससे पीछे हटते हुए एक बार फिर जोर देकर कहा कि वास्तव में वही संघर्ष समाप्त करने वाले थे।

एससीओ शिखर सम्मेलन के बाद भारत की विदेश नीति और वैश्विक पुनर्संतुलन पर हो रही चर्चाओं के बीच विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत अपनी रणनीतिक साझेदारी को संजोता है और इसे साझा हितों व आपसी सम्मान के आधार पर आगे बढ़ाना चाहता है।

फिर भी सरकार ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के लगातार भारत-विरोधी और बिना वजह के बयानों से सतर्क है। व्यापार विवाद से लेकर रूस से संबंध, चीन के साथ ट्रंप की निकटता, आव्रजन सुधार (जो भारतीय आईटी पेशेवरों को प्रभावित कर सकते हैं), और पाकिस्तान के साथ ट्रंप की नज़दीकी जैसे मुद्दों ने भारत को ट्रंप के मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” (MAGA) समर्थकों का निशाना बना दिया है।

रिश्तों में अचानक बदलाव

एक तरह से रातों-रात हालात बदलते हुए मोदी और ट्रंप ने रिश्तों में फैली आग को शांत करने की कोशिश की। ट्रंप ने भारत के चीन के पक्ष में जाने की बात कहने के कुछ ही घंटों बाद यह बयान दे दिया कि भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।