‘भारत रूस को उचित संदेश देगा’ : ज़ेलेंस्की ने पीएम मोदी से बातचीत के बाद कहा
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत के बाद कहा कि भारत रूस-यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए हर प्रयास का समर्थन करता है और रूस को “उचित संदेश” ..
नयी दिल्ली। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत के बाद कहा कि भारत रूस-यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए हर प्रयास का समर्थन करता है और रूस को “उचित संदेश” देगा।
यह बातचीत ऐसे समय हुई जब प्रधानमंत्री मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से चीन के तियानजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात तय है। ज़ेलेंस्की ने इस कॉल में कहा कि वे रूस के शीर्ष नेतृत्व से मिलने को तैयार हैं और युद्ध की समाप्ति तत्काल युद्धविराम से शुरू होनी चाहिए।
ज़ेलेंस्की का दावा और भारत का बयान
ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत आवश्यक प्रयास करने और रूस को उचित संदेश देने के लिए तैयार है। हालांकि भारत की ओर से जारी रीडआउट (बयान) में इस बात का उल्लेख नहीं था।
उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने 18 अगस्त को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी, जो ट्रंप–पुतिन अलास्का वार्ता के तीन दिन बाद हुई थी।
ज़ेलेंस्की ने कहा, “यह एक महत्वपूर्ण और उपयोगी बातचीत थी, जिसमें साझेदारों के बीच वास्तविक शांति कैसे लाई जाए, इस पर साझा दृष्टिकोण बना। यूक्रेन ने रूस के प्रमुख से मिलने की अपनी तत्परता दोहराई।”
उन्होंने आगे कहा, “हमने एससीओ सम्मेलन से पहले अपनी स्थिति का समन्वय किया। इस युद्ध का अंत तुरंत युद्धविराम से शुरू होना चाहिए। जब हमारे शहरों और समुदायों पर लगातार बमबारी हो रही हो, तो शांति पर सार्थक चर्चा असंभव है।”
भारत का स्थायी रुख
भारत ने लगातार दोहराया है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष का हल केवल संवाद और कूटनीति से ही संभव है। शनिवार की कॉल में भी पीएम मोदी ने भारत की “स्थायी और स्पष्ट स्थिति” को दोहराया—युद्ध का शांतिपूर्ण समाधान खोजा जाए और जल्द से जल्द शांति बहाल की जाए।
पृष्ठभूमि
- जुलाई 2024 : पीएम मोदी मास्को गए और राष्ट्रपति पुतिन से कहा कि यूक्रेन संघर्ष का हल युद्धक्षेत्र में नहीं निकलेगा और बम-गोलियों के बीच शांति प्रयास सफल नहीं हो सकते।
- अगस्त 2024 : मोदी कीव पहुँचे और राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से कहा कि रूस और यूक्रेन को बिना समय गंवाए बातचीत की मेज़ पर आना चाहिए।
- अगस्त 2025 (ताज़ा बातचीत) : ज़ेलेंस्की ने मोदी से आग्रह किया कि भारत रूस को उचित संदेश दे और तत्काल युद्धविराम की दिशा में प्रयास करे।
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