व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट का बड़ा बयान: भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने सोमवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता लगभग अंतिम चरण में है और इसे लेकर जल्द ही औपचारिक घोषणा..
वॉशिंगटन/नयी दिल्ली। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने सोमवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता लगभग अंतिम चरण में है और इसे लेकर जल्द ही औपचारिक घोषणा की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच अच्छे संबंध हैं, और यह साझेदारी आगे भी बनी रहेगी।
जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा निकट है, लीविट ने जवाब दिया, "हां, राष्ट्रपति (डोनाल्ड ट्रंप) ने पिछले सप्ताह भी यही कहा था, और यह अब भी सच है।"
उन्होंने आगे कहा, "मैंने इस विषय में हमारे वाणिज्य सचिव से बात की है। वे राष्ट्रपति के साथ ओवल ऑफिस में थे। वे इस समझौते को अंतिम रूप दे रहे हैं और बहुत जल्द राष्ट्रपति और उनकी व्यापार टीम की ओर से भारत को लेकर घोषणा की जाएगी।"
चीन और इंडो-पैसिफिक पर अमेरिकी दृष्टिकोण
जब लीविट से पूछा गया कि राष्ट्रपति ट्रंप इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की भूमिका और प्रभाव को कैसे देखते हैं, तो उन्होंने कहा:
"भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका का एक बहुत ही रणनीतिक सहयोगी बना रहेगा। राष्ट्रपति मोदी के साथ उनके बहुत अच्छे संबंध हैं और यह साझेदारी आगे भी जारी रहेगी।"
27 जून को ट्रंप का इशारा: “भारत के साथ बहुत बड़ा समझौता”
लीविट की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब 27 जून को राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के साथ “बहुत बड़ा” व्यापार समझौता होने की बात कही थी। उस समय उन्होंने कहा था कि अमेरिका “पूर्ण व्यापार अवरोध हटाने” और भारतीय बाजार तक अधिक पहुंच चाहता है, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि इसमें कुछ अनिश्चितताएं बनी हुई हैं।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल की वॉशिंगटन में बातचीत जारी
उधर, भारत की ओर से वाणिज्य विभाग के विशेष सचिव राजेश अग्रवाल की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय टीम वॉशिंगटन में अंतरिम व्यापार समझौते पर बातचीत कर रही है।
- यह प्रतिनिधिमंडल मूलतः 26 जून से दो दिनों के लिए गया था, लेकिन अब उसकी यात्रा को 30 जून तक बढ़ा दिया गया है।
- इसका कारण है — 9 जुलाई तक दोनों देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना, क्योंकि 2 अप्रैल को अमेरिका द्वारा लगाए गए 26% प्रतिशोधी टैरिफ की 90-दिन की अस्थायी छूट इसी तारीख को समाप्त हो रही है।
टैरिफ और विवाद के प्रमुख बिंदु
- 2 अप्रैल, 2025 को अमेरिका ने भारत पर 26% अतिरिक्त टैरिफ लगाया था, लेकिन उसे 90 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया।
- अमेरिका का 10% मूल टैरिफ अब भी लागू है।
- भारत की मांग है कि उसे 26% अतिरिक्त टैरिफ से पूरी तरह छूट दी जाए।
कृषि और डेयरी: कठिन विषय
- भारत के लिए अमेरिका को कृषि और डेयरी क्षेत्रों में शुल्क में छूट देना मुश्किल माना जा रहा है।
- भारत ने अब तक किसी भी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) में डेयरी क्षेत्र को नहीं खोला है।
500 अरब डॉलर का लक्ष्य
- भारत और अमेरिका सितंबर-अक्टूबर 2025 (फॉल सीजन) तक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण को पूरा करना चाहते हैं।
- इस समझौते का लक्ष्य है कि 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर किया जाए।
- उससे पहले एक अंतरिम व्यापार समझौता किया जाना प्रस्तावित है।
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