ईरान युद्ध के बीच अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट दी

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत को ऊर्जा आपूर्ति में राहत मिली है। Scott Bessent ने शुक्रवार को घोषणा की कि अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट दी..

ईरान युद्ध के बीच अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की छूट दी
06-03-2026 - 11:14 AM

नयी दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत को ऊर्जा आपूर्ति में राहत मिली है। Scott Bessent ने शुक्रवार को घोषणा की कि अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट दी है।

United States Department of the Treasury के तहत काम करने वाले Office of Foreign Assets Control ने एक विशेष लाइसेंस जारी किया है, जिसके तहत 5 मार्च 2026 तक जहाजों पर लदा रूसी कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद भारत को बेचे और पहुंचाए जा सकेंगे।

इस छूट के तहत सभी लेन-देन 3 अप्रैल 2026 तक मान्य रहेंगे।

वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने की कोशिश

अमेरिकी प्रशासन ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जब मध्य पूर्व में तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ रहा है।

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने भारत को अमेरिका का महत्वपूर्ण साझेदार” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि राष्ट्रपति Donald Trump की ऊर्जा नीति के कारण अमेरिका में तेल और गैस उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

उन्होंने कहा, “वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति जारी रखने के लिए ट्रेजरी विभाग भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने की अनुमति देने के लिए 30 दिन की अस्थायी छूट जारी कर रहा है। यह केवल अल्पकालिक उपाय है और इससे रूस सरकार को कोई बड़ा आर्थिक लाभ नहीं होगा, क्योंकि यह उन तेल खेपों से संबंधित है जो पहले से समुद्र में फंसी हुई हैं।”

अमेरिका को उम्मीद – भारत बढ़ाएगा अमेरिकी तेल की खरीद

Scott Bessent ने कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि India आने वाले समय में अमेरिकी तेल की खरीद बढ़ाएगा

उन्होंने कहा कि यह अस्थायी कदम ईरान द्वारा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करने की कोशिश से पैदा हुए दबाव को कम करने में मदद करेगा।

रूस पर पहले ही लग चुके हैं प्रतिबंध

Donald Trump प्रशासन ने यूक्रेन पर हमले के बाद रूस पर दबाव बनाने के लिए पिछले साल नवंबर में रूसी तेल कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए थे।

इनमें प्रमुख रूप से

  • Lukoil
  • Rosneft

जैसी बड़ी कंपनियां शामिल थीं।

उद्योग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी में भारत का रूसी तेल आयात घटकर 11 लाख बैरल प्रतिदिन रह गया था, जो नवंबर 2022 के बाद सबसे कम था। इससे भारत के कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी घटकर 21.2% रह गई थी, हालांकि फरवरी में यह फिर बढ़कर लगभग 30% तक पहुंच गई।

मध्य पूर्व संकट से बढ़ी तेल बाजार में चिंता

इस बीच मध्य पूर्व में कई बड़े तेल प्रतिष्ठानों पर हमलों के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है।

इसके अलावा Strait of Hormuz को ईरान द्वारा बंद किए जाने से स्थिति और गंभीर हो गई है। यह समुद्री मार्ग दुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

हाल के दिनों में जिन प्रमुख तेल प्रतिष्ठानों पर हमले हुए हैं, उनमें शामिल हैं:

  • Ras Tanura Refinery (सऊदी अरब)
  • Rumaila Oil Field (इराक)

युद्ध के कारण बढ़ी कच्चे तेल की कीमत

Iran के साथ United States और Israel के संघर्ष के चलते वैश्विक तेल कीमतों में तेजी आई है।

ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 83.07 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।

हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने के बावजूद सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने की कोई योजना नहीं है

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।