इज़राइल-ईरान संघर्ष: वार्ता के लिए ईरान EU नेताओं से मिलेगा, अमेरिका अभी भी सैन्य विकल्पों पर विचार में
इज़राइल और ईरान के बीच गुरुवार को भीषण मिसाइल हमलों का आदान-प्रदान हुआ, जिससे दोनों देशों को भारी नुकसान हुआ। यह इस संघर्ष का अब तक का सबसे बड़ा और गंभीर मोड़ माना जा रहा है। ईरान ने दक्षिण इज़राइल ..
नयी दिल्ली। इज़राइल और ईरान के बीच गुरुवार को भीषण मिसाइल हमलों का आदान-प्रदान हुआ, जिससे दोनों देशों को भारी नुकसान हुआ। यह इस संघर्ष का अब तक का सबसे बड़ा और गंभीर मोड़ माना जा रहा है। ईरान ने दक्षिण इज़राइल के सबसे बड़े अस्पताल पर मिसाइल हमले किए, जिनमें सैकड़ों लोग घायल हुए। ईरान ने दावा किया कि उसके हमले इज़राइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए थे। उधर, इज़राइल ने जवाबी कार्रवाई में ईरान के अराक हैवी वॉटर रिएक्टर पर हमला किया।
गौरतलब है कि यह हमले उस समय हुए जब ईरान को आत्मसमर्पण करने का प्रस्ताव दिया गया था, जिसे ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने सख्ती से ठुकरा दिया। अब इज़राइल ने खामेनेई को सीधे जिम्मेदार ठहराते हुए बदला लेने की कसम खाई है।
इज़राइल-ईरान संघर्ष: 10 प्रमुख अपडेट्स
- ईरानी मिसाइल हमले में लगभग 240 लोग घायल हुए हैं। इन हमलों में सोरोक्का अस्पताल (दक्षिण इज़राइल) और तेल अवीव के आवासीय इलाकों को निशाना बनाया गया।
- इज़राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ ने कहा कि “ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला खामेनेई को इस हमले के लिए ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा। अगर हम अपने सभी लक्ष्यों को हासिल करना चाहते हैं, तो यह व्यक्ति जीवित नहीं रहना चाहिए।”
- इज़राइल ने गुरुवार को अराक परमाणु संयंत्र पर हमला किया। ईरानी राज्य मीडिया के अनुसार, हमले से पहले संयंत्र को खाली करा लिया गया और कोई विकिरण रिसाव नहीं हुआ।
- वॉशिंगटन में इज़राइली दूतावास ने बताया कि “ईरान ने क्लस्टर बम से लैस मिसाइलों को इज़राइल के घनी आबादी वाले क्षेत्र की ओर दागा।”
- यह इस संघर्ष में पहली बार क्लस्टर बमों के उपयोग की पुष्टि है। इज़राइली बयान के अनुसार, “ईरान ने नागरिक क्षेत्रों को जानबूझकर निशाना बनाकर युद्ध की सीमा पार की है।”
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले दो सप्ताह में यह फैसला करेंगे कि क्या अमेरिका इस युद्ध में सैन्य रूप से शामिल होगा या नहीं। व्हाइट हाउस ने कहा कि राजनयिक समाधान की अभी भी "ठोस संभावना" है।
- ईरान ने शुक्रवार को जिनेवा में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और यूरोपीय संघ के शीर्ष राजनयिक के साथ परमाणु मुद्दे पर बैठक निर्धारित की है।
- ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने पुष्टि की कि“हम शुक्रवार को जिनेवा में यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल से मिलेंगे।”
(सूचना ईरानी समाचार एजेंसी IRNA ने दी।) - ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने गुरुवार को अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो और व्हाइट हाउस के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से मुलाकात की। उन्होंने दोहराया कि “ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं मिलना चाहिए।”
- लैमी ने कहा, “अभी हमारे पास दो हफ्तों की खिड़की है, जिसमें एक राजनयिक समाधान संभव है। अगर हम इसे नहीं रोक पाए, तो यह मध्य पूर्व में गंभीर हालात को जन्म देगा, जिसका कोई लाभार्थी नहीं होगा।”
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