इज़राइल का ईरान के इस्फहान पर हमला, हथियार उत्पादन ठिकानों को बनाया निशाना; तनाव और गहराया
मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इज़राइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने गुरुवार को दावा किया कि उसने ईरान के इस्फहान में व्यापक हवाई हमले किए हैं और कई सैन्य ढांचों को निशाना..
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान खुद को मध्यस्थ के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ईरान ने भारत को अधिक भरोसेमंद और प्रभावी खिलाड़ी बताया है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव को कम करने में भारत अहम भूमिका निभा सकता है।
फथाली ने भारत की वैश्विक दक्षिण (Global South) में मजबूत स्थिति और संतुलित विदेश नीति की सराहना करते हुए कहा कि भारत "तनाव कम करने और संवाद को आगे बढ़ाने में प्रभावी और सकारात्मक भूमिका निभा सकता है"। उन्होंने कहा कि अमेरिका, ईरान और इज़राइल—सभी के साथ भारत के ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंध उसे एक भरोसेमंद मध्यस्थ बनाते हैं।
दिल्ली में फथाली ने कहा, "भारत निश्चित रूप से तनाव कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है। वैश्विक दक्षिण में एक प्रमुख देश होने और संतुलित विदेश नीति के कारण भारत के पास विशेष स्थान है, जिससे वह संवाद को बढ़ावा दे सकता है।"
उन्होंने आगे कहा कि भारत के सभी पक्षों के साथ मजबूत रिश्ते हैं, जिससे वह गलतफहमियों को कम करने और कूटनीतिक रास्तों को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान को 15 सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से ईरान तक पहुंचाया गया, जिसने वॉशिंगटन और तेहरान के बीच नई वार्ता की मेजबानी करने की पेशकश भी की है।
हालांकि, अमेरिका-ईरान वार्ता में पाकिस्तान की भूमिका अहम मानी जा रही है, लेकिन उसका अतीत वैश्विक स्तर पर आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने के आरोपों से जुड़ा रहा है। इसके बावजूद ट्रंप प्रशासन शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान को शामिल करने के पक्ष में नजर आ रहा है।
इज़राइल ने पाकिस्तान पर जताया अविश्वास
इस बीच, इज़राइल ने स्पष्ट किया है कि वह उन देशों पर भरोसा नहीं करता जिनके साथ उसके कूटनीतिक संबंध नहीं हैं। भारत में इज़राइल के राजदूत रयूवेन अजार ने पाकिस्तान पर भरोसे के सवाल पर कहा कि तेल अवीव ऐसे किसी देश पर विश्वास नहीं करेगा, जिसके साथ उसके आधिकारिक संबंध नहीं हैं।
यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब शहबाज शरीफ के सोशल मीडिया पोस्ट को ट्रंप ने साझा किया, जिसमें पाकिस्तान ने इज़राइल-अमेरिका-ईरान संघर्ष को सुलझाने में अपनी भूमिका की बात कही थी।
अजार ने कहा, "हम ऐसे देश पर भरोसा नहीं करेंगे जिसके साथ हमारे कूटनीतिक संबंध नहीं हैं। हम अपने आकलन और अमेरिका के राष्ट्रपति के आकलन पर भरोसा करते हैं।"
इस घटनाक्रम से साफ है कि जहां पाकिस्तान मध्यस्थ बनने की कोशिश कर रहा है, वहीं ईरान और इज़राइल दोनों ही भारत को ज्यादा भरोसेमंद मान रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय कूटनीति में भारत की भूमिका और भी मजबूत होती नजर आ रही है।
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