21 जून को होगी NEET की दोबारा परीक्षा, 2027 से पूरी तरह डिजिटल होगा एग्जाम

केंद्र सरकार ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG को अगले वर्ष से कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) में बदलने का फैसला किया है। शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने शुक्रवार को कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पारंपरिक पेन-पेपर परीक्षा प्रणाली को समाप्त कर डिजिटल परीक्षा लागू की..

21 जून को होगी NEET की दोबारा परीक्षा, 2027 से पूरी तरह डिजिटल होगा एग्जाम
16-05-2026 - 08:29 AM

केंद्र सरकार ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG को अगले वर्ष से कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) में बदलने का फैसला किया है। शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने शुक्रवार को कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पारंपरिक पेन-पेपर परीक्षा प्रणाली को समाप्त कर डिजिटल परीक्षा लागू की जाएगी।

इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि इस वर्ष NEET-UG परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।

पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द

National Testing Agency (NTA) ने 12 मई को NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी थी। परीक्षा आयोजित होने के नौ दिन बाद एजेंसियों ने बड़े स्तर पर पेपर लीक की पुष्टि की थी।

पेपर लीक पर पहली बार खुलकर बोलते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार “कमांड चेन में हुई चूक” की जिम्मेदारी स्वीकार करती है, हालांकि 2024 के पेपर लीक के बाद गठित राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को लागू किया गया था।

21 जून को पुनर्परीक्षा

शिक्षा मंत्री ने बताया कि 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा फिलहाल पेन-पेपर मोड में ही आयोजित की जाएगी। इसके एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि परीक्षार्थियों को 15 मिनट अतिरिक्त समय दिया जाएगा और उन्हें परीक्षा शहर दोबारा चुनने का मौका भी मिलेगा।

2027 से कंप्यूटर आधारित परीक्षा

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राधाकृष्णन समिति ने अक्टूबर 2024 में कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली को “पेपर लीक रोकने का सबसे सुरक्षित तरीका” बताया था।

उन्होंने कहा, “CBT प्रणाली पारंपरिक OMR आधारित परीक्षा की तुलना में अधिक सुरक्षित और बेहतर संरक्षित है।” हालांकि उन्होंने माना कि तकनीक के साथ साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियां भी आती हैं।

NEET-UG में वर्तमान में छात्रों को OMR शीट पर 180 बहुविकल्पीय प्रश्न हल करने होते हैं। CBT मोड में छात्र कंप्यूटर पर उत्तर चुनेंगे और परीक्षा के दौरान अपने उत्तरों की समीक्षा तथा संशोधन भी कर सकेंगे।

तकनीकी ढांचे को मजबूत करने की चुनौती

विशेषज्ञों के अनुसार डिजिटल परीक्षा लागू करने के लिए NTA को बड़े स्तर पर तकनीकी ढांचा विकसित करना होगा और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना पड़ेगा।

राधाकृष्णन समिति की रिपोर्ट में कहा गया था कि फिजिकल प्रश्नपत्र “सबसे कमजोर कड़ी” हैं, क्योंकि इनके परिवहन और वितरण में थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स शामिल होती है, जिससे लीक की संभावना बढ़ जाती है।

एक समिति सदस्य ने कहा कि अब पेन-पेपर परीक्षा प्रणाली टिकाऊ नहीं रही और NTA में स्थायी तथा जवाबदेह कर्मचारियों की आवश्यकता है।

रिपोर्ट के बावजूद NTA अभी भी 43 संविदा कर्मचारियों पर निर्भर है। नई बनाई गई 16 संयुक्त निदेशक पदों में से केवल तीन भरे गए हैं।

एक शिफ्ट में 10 लाख छात्रों की परीक्षा का लक्ष्य

NTA निदेशक Abhishek Singh ने कहा कि एजेंसी के पास फिलहाल प्रति शिफ्ट 1.5 लाख छात्रों की CBT परीक्षा कराने की क्षमता है।

उन्होंने कहा, “हम एक शिफ्ट में 10 लाख छात्रों की CBT परीक्षा कराने योग्य ढांचा विकसित करने का लक्ष्य रख रहे हैं। फिलहाल हमारा पूरा ध्यान 21 जून की पुनर्परीक्षा पर है। इसके बाद हम बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाएंगे और 2027 से NEET-UG को कई शिफ्टों में आयोजित करेंगे।”

छात्रों की तैयारी रणनीति भी बदलेगी

डिजिटल परीक्षा प्रणाली लागू होने से छात्रों की तैयारी की रणनीति में भी बदलाव आएगा। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की NEET अभ्यर्थी Ananya Tripathi ने कहा, “डिजिटल फॉर्मेट से पेपर लीक का खतरा कम हो सकता है, लेकिन स्क्रीन पर सवाल हल करने की आदत डालनी होगी। कागज पर महत्वपूर्ण हिस्सों को अंडरलाइन करने या सवालों को बार-बार देखने जैसी सुविधा नहीं मिलेगी।”

कैसे सामने आया पेपर लीक मामला

12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला तब लिया गया जब “गेस पेपर” के 120 सवाल वास्तविक परीक्षा से मेल खाते पाए गए।

धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि सरकार को 7 मई को शिकायत मिली थी और 12 मई तक यह पुष्टि हो गई थी कि गेस पेपर के नाम पर असली प्रश्नपत्र लीक हुआ था।

उन्होंने कहा, “हम नहीं चाहते थे कि किसी योग्य छात्र के अधिकार प्रभावित हों, इसलिए परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया।”

CBI जांच में सात गिरफ्तार

Central Bureau of Investigation (CBI) इस मामले की जांच कर रही है और अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को कहा कि CBI ने पेपर लीक का स्रोत “NTA के अंदर” तक खोज लिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “CBI एक विश्वसनीय एजेंसी है और वह मामले की गहराई से जांच करेगी।”

छात्रों की मौत पर दुख

परीक्षा रद्द होने के बाद गोवा और उत्तर प्रदेश में दो छात्रों ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा, “इन अनमोल जिंदगियों के नुकसान को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। यह हमारी जिम्मेदारी है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।”

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।