ईरान के सर्वोच्च नेता का सख्त संदेश: युद्ध के बीच दुनिया को दी चेतावनी, अमेरिका-इजरायल पर साधा निशाना
ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Mojtaba Khamenei ने जारी संघर्ष के बीच एक कड़ा और चुनौतीपूर्ण बयान जारी किया है। उन्होंने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जारी युद्ध के तीन हफ्ते पूरे होने पर ईरानी जनता की “मजबूती और धैर्य” की सराहना..
तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Mojtaba Khamenei ने जारी संघर्ष के बीच एक कड़ा और चुनौतीपूर्ण बयान जारी किया है। उन्होंने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जारी युद्ध के तीन हफ्ते पूरे होने पर ईरानी जनता की “मजबूती और धैर्य” की सराहना की।
रिपोर्ट्स के अनुसार, खामेनेई अपने पद संभालने के बाद से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। उनके पिता Ali Khamenei की युद्ध के शुरुआती हमलों में मौत के बाद उन्होंने यह पद संभाला था। वहीं, अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती हमलों में उन्हें भी चोटें आई थीं।
ईरान की धमकी और सैन्य प्रतिक्रिया
ईरान ने एक बड़ा और चिंताजनक बयान देते हुए कहा है कि वह दुनिया भर में पर्यटन स्थलों और सार्वजनिक जगहों को निशाना बना सकता है। साथ ही, उसने अपनी मिसाइल क्षमता को जारी रखने का दावा भी किया है।
इस बीच, United States ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य ताकत बढ़ाते हुए करीब 2,500 मरीन सैनिकों और तीन अतिरिक्त युद्धपोतों की तैनाती की घोषणा की है।
धार्मिक मौके पर भी जारी हमले
तनाव के बीच ईरान ने Israel और खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों पर हमले किए। यह हमले उस समय हुए जब इस्लामी कैलेंडर के पवित्र अवसर और फारसी नववर्ष Nowruz मनाया जा रहा था, जिसे इस बार काफी सादगी से मनाया गया।
सैन्य नेतृत्व की चेतावनी
ईरान के सैन्य प्रवक्ता Abolfazl Shekarchi ने चेतावनी दी कि विरोधी देशों के लिए दुनिया में कोई भी जगह सुरक्षित नहीं रहेगी, चाहे वह पार्क हो, पर्यटन स्थल या सार्वजनिक क्षेत्र। इस बयान से वैश्विक स्तर पर सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं।
अमेरिका-इजरायल के दावे बनाम ईरान की प्रतिक्रिया
Israel और अमेरिका का दावा है कि हालिया हमलों में ईरान की सैन्य क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचा है और कई बड़े सैन्य अधिकारी मारे गए हैं। इजरायल ने बसिज खुफिया प्रमुख Esmail Ahmadi के मारे जाने का भी दावा किया है।
इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि ईरान की नौसेना लगभग निष्क्रिय हो चुकी है और उसकी वायुसेना को भारी नुकसान हुआ है। हालांकि, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इन दावों को खारिज किया है।
ऊर्जा ठिकानों पर बढ़ते हमले
ईरान ने खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। Kuwait के मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर ड्रोन हमले हुए, जिससे भारी नुकसान हुआ।
वहीं Bahrain में इंटरसेप्टेड मिसाइल के मलबे से आग लग गई, जबकि Saudi Arabia ने अपने तेल क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे कई ड्रोन मार गिराए।
Dubai में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जहां एयर डिफेंस सिस्टम ने हमलों को नाकाम किया।
बढ़ता युद्ध और जनहानि
युद्ध के दौरान Tehran और Jerusalem में भी विस्फोटों की खबरें आई हैं। अब तक ईरान में 1300 से ज्यादा लोगों की मौत होने की रिपोर्ट है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर
इस संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिख रहा है। Strait of Hormuz पर खतरे के कारण तेल सप्लाई प्रभावित हो रही है।
ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़कर करीब 108 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई हैं, जो पहले लगभग 70 डॉलर थीं। इससे खासकर एशियाई देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
इसके अलावा हीलियम और सल्फर जैसे कच्चे माल की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ने की आशंका है।
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