कांडला पोर्ट अगले 72 घंटों में 22 जहाज संभालने की तैयारी में, क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी समुद्री गतिविधियां
गुजरात स्थित Deendayal Port (कांडला पोर्ट) ने अगले 72 घंटों में आने वाले 22 जहाजों को संभालने की तैयारी कर ली है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों में बदलाव के कारण भारत आने वाले जहाजों की संख्या बढ़ने की संभावना..
नयी दिल्ली। गुजरात स्थित Deendayal Port (कांडला पोर्ट) ने अगले 72 घंटों में आने वाले 22 जहाजों को संभालने की तैयारी कर ली है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों में बदलाव के कारण भारत आने वाले जहाजों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
पोर्ट प्राधिकरण ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में जहाज बंदरगाह पर पहुंचेंगे और इसके लिए सभी सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया है।
पोर्ट प्रबंधन के अनुसार, “अगले 72 घंटों में 22 जहाजों को संभालने की तैयारी की जा रही है। जहाजों के बदले हुए रूट और बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार हैं ताकि सेवाएं सुचारु रूप से दी जा सकें।”
हॉर्मुज में हमले का शिकार जहाज भी आएगा
कांडला पोर्ट पर जिन जहाजों के आने की उम्मीद है, उनमें थाईलैंड के झंडे वाला जहाज ‘Mayuree Naree’ भी शामिल है। यह जहाज 11 मार्च को Strait of Hormuz में हमले का शिकार हुआ था।
आने वाले कई जहाज भारत के लिए कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) लेकर आ सकते हैं, जिससे ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी।
मुंबई पोर्ट पहुंचा पहला टैंकर
इस बीच Mumbai Port पर हाल ही में ‘Shenlong Suezmax’ नाम का एक टैंकर पहुंचा है। यह ईरान-अमेरिका तनाव शुरू होने के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार करके भारत पहुंचने वाला पहला जहाज माना जा रहा है।
यह जहाज सऊदी अरब के रास तनुरा बंदरगाह से कच्चा तेल लेकर आया था।
- जहाज ने 1 मार्च को तेल लोड किया
- 3 मार्च को वहां से रवाना हुआ
- 8 मार्च को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरा
जोखिम वाले इलाके में बंद किया ट्रैकिंग सिस्टम
समुद्री ट्रैकिंग डेटा के अनुसार जहाज ने हॉर्मुज के खतरनाक हिस्से से गुजरते समय कुछ समय के लिए अपना AIS (Automatic Identification System) ट्रांसपोंडर बंद कर दिया था।
AIS एक अनिवार्य समुद्री रेडियो प्रणाली है जो जहाज की पहचान, स्थिति, गति और दिशा की जानकारी आसपास के जहाजों और तटीय स्टेशनों को भेजती है, जिससे टकराव से बचाव और नेविगेशन में मदद मिलती है।
यह टैंकर बुधवार को दोपहर 1 बजे मुंबई पोर्ट पहुंचा और शाम 6:06 बजे जवाहर द्वीप टर्मिनल पर लगाया गया।
इसमें लगभग 1,35,335 मीट्रिक टन कच्चा तेल है, जिसे मुंबई के माहुल क्षेत्र की रिफाइनरियों को सप्लाई किया जाएगा। तेल उतारने की प्रक्रिया लगभग 36 घंटे तक चलने की उम्मीद है।
जहाज का स्वामित्व और क्रू
यह जहाज Shenlong Shipping Ltd के स्वामित्व में है और इसका प्रबंधन एथेंस स्थित Dynacom Tanker Management Ltd करती है।
जहाज में कुल 29 क्रू सदस्य हैं, जिनमें भारत, पाकिस्तान और फिलीपींस के नाविक शामिल हैं, जबकि जहाज का कप्तान भारतीय है।
भारत-ईरान के बीच बातचीत
समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत भी कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय है। भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से बातचीत कर जहाजों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति के मुद्दे पर चर्चा की है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, हाल के दिनों में दोनों नेताओं के बीच तीन बार बातचीत हो चुकी है और इसमें जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
ईरान में 9,000 भारतीय
विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि वर्तमान में ईरान में लगभग 9,000 भारतीय नागरिक मौजूद हैं। इनमें छात्र, नाविक, पेशेवर, कारोबारी और तीर्थयात्री शामिल हैं।
सरकार सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच इन सभी भारतीयों को हर संभव सहायता उपलब्ध करा रही है।
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