SRH की सिस्टर फ्रेंचाइज़ी ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को किया साइन.. BCCI बोला, IPL से बाहर की लीग से हमें मतलब नहीं

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड Board of Control for Cricket in India (BCCI) ने सनराइजर्स हैदराबाद की सिस्टर फ्रेंचाइज़ी द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को साइन करने के विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़..

SRH की सिस्टर फ्रेंचाइज़ी ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को किया साइन.. BCCI बोला, IPL से बाहर की लीग से हमें मतलब नहीं
14-03-2026 - 11:38 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड Board of Control for Cricket in India (BCCI) ने सनराइजर्स हैदराबाद की सिस्टर फ्रेंचाइज़ी द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को साइन करने के विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है।

BCCI के उपाध्यक्ष Rajeev Shukla ने शुक्रवार (13 मार्च) को कहा कि इंग्लैंड की लीग में किसी खिलाड़ी को साइन करने से बोर्ड का कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि उनका अधिकार क्षेत्र केवल Indian Premier League (IPL) तक सीमित है।

क्या है मामला

सनराइजर्स हैदराबाद की मालिक कंपनी Sun Group की सिस्टर फ्रेंचाइज़ी Sunrisers Leeds ने इंग्लैंड की 100 गेंदों वाली क्रिकेट लीग The Hundred के ऑक्शन में पाकिस्तान के लेग स्पिनर Abrar Ahmed को खरीदा है।

27 वर्षीय अबरार अहमद पाकिस्तान के लिए 46 टेस्ट, 28 वनडे और 52 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। उन्हें इस लीग में खेलने के लिए करीब £190,000 (लगभग 2.34 करोड़ रुपये) मिलेंगे।

BCCI ने क्या कहा

राजीव शुक्ला ने कहा, हमारा अधिकार क्षेत्र सिर्फ IPL तक सीमित है। भारत के बाहर किसी लीग में वे किस खिलाड़ी को साइन करते हैं, इससे हमारा कोई संबंध नहीं है। अगर कोई फ्रेंचाइज़ी विदेश में टीम खरीदती है और वहां किसी खिलाड़ी को लेती है, तो यह पूरी तरह उनका फैसला है।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि IPL में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के खेलने की अनुमति नहीं है, इसलिए इस मुद्दे पर BCCI की कोई भूमिका नहीं बनती।

भारत में क्यों हुआ विवाद

भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक संबंधों के कारण भारतीय खेल टीमों—खासकर IPL फ्रेंचाइज़ियों—पर लंबे समय से पाकिस्तानी खिलाड़ियों को न लेने का अनौपचारिक प्रतिबंध रहा है।

अबरार अहमद को लेकर विवाद इसलिए भी बढ़ा क्योंकि सोशल मीडिया पर कुछ प्रशंसकों ने पिछले साल भारत-पाक तनाव के दौरान उनके भारत के खिलाफ राजनीतिक टिप्पणियों को साझा किया।

इंग्लैंड में अलग स्थिति

हालांकि इंग्लैंड में स्थिति अलग है। वहां बड़ी पाकिस्तानी मूल की आबादी रहती है और कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जैसे Moeen Ali और Adil Rashid पाकिस्तानी मूल के हैं।

मोईन अली ने पहले चेतावनी दी थी कि अगर England and Wales Cricket Board (ECB) भारतीय टीमों को पाकिस्तानी खिलाड़ियों के खिलाफ भेदभाव करने की अनुमति देता है तो खिलाड़ी इसके खिलाफ कदम उठा सकते हैं।

इसके बाद ECB और सभी फ्रेंचाइज़ियों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा था कि टूर्नामेंट में समावेशिता और गैर-भेदभाव की नीति अपनाई जाएगी।

भारतीय कंपनियों का बढ़ता प्रभाव

दिलचस्प बात यह है कि The Hundred में चार टीमों में भारतीय कंपनियों की पूर्ण या आंशिक हिस्सेदारी है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना था कि जैसे दक्षिण अफ्रीका की लीग SA20 में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की भागीदारी नहीं है, वैसे ही इंग्लैंड की इस लीग में भी ऐसा हो सकता है। लेकिन, अब Sunrisers Leeds द्वारा अबरार अहमद को साइन किए जाने से यह धारणा टूटती नजर आ रही है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।