केरल: 'भारत माता' के चित्र को लेकर राज्यपाल और मंत्री आमने-सामने, राज्य सरकार ने राजभवन का कार्यक्रम किया बहिष्कार

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर केरल के राजभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘भारत माता’ के चित्र को मंच पर लगाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिसके चलते राज्य के कृषि मंत्री पी. प्रसाद ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया..

केरल: 'भारत माता' के चित्र को लेकर राज्यपाल और मंत्री आमने-सामने, राज्य सरकार ने राजभवन का कार्यक्रम किया बहिष्कार
07-06-2025 - 05:59 AM

तिरुवनंतपुरम। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर केरल के राजभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘भारत माता’ के चित्र को मंच पर लगाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिसके चलते राज्य के कृषि मंत्री पी. प्रसाद ने कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने दो टूक कहा कि "भारत माता पर कोई समझौता नहीं होगा।"

राज्य सरकार ने आरोप लगाया कि राजभवन ने मंच पर जो भारत माता का चित्र लगाया, वह आमतौर पर आरएसएस की शाखाओं में उपयोग में लाया जाता है और उसे आधिकारिक कार्यक्रम में शामिल करना संवैधानिक मर्यादाओं के खिलाफ है। कृषि मंत्री ने कहा कि "हम भारत माता का सम्मान करते हैं, लेकिन कार्यक्रम में एक विशेष संगठन से जुड़े चित्र का इस्तेमाल अनुचित है।"

राजभवन ने अपने बयान में कहा कि कृषि मंत्री स्वयं इस कार्यक्रम को राजभवन में कराने की मांग कर चुके थे, और राज्यपाल ने सहमति दी थी। लेकिन जब मंत्री ने भारत माता का चित्र हटाने की मांग की, तो राज्यपाल ने इसे ठुकरा दिया। इसके बाद मंत्री ने न केवल सुबह का कार्यक्रम, बल्कि शाम के समारोह में भी भाग नहीं लिया।

राज्यपाल आर. वी. अर्लेकर ने अपने भाषण में कहा, "किसी भी दबाव के बावजूद भारत माता के प्रति कोई समझौता नहीं होगा। हमारी परंपरा सदियों से पेड़, जल और वायु की पूजा और संरक्षण रही है। लेकिन कुछ समकालीन विचारधाराएं अब इसे छोड़ने की बात कर रही हैं।"

कृषि मंत्री पी. प्रसाद का पक्ष, प्रसाद ने बताया कि कार्यक्रम की रूपरेखा पहले से तय थी, लेकिन बुधवार शाम को अचानक भारत माता को पुष्पांजलि अर्पित करने का एक नया बिंदु जोड़ दिया गया, जो उन्हें अस्वीकार्य लगा। उन्होंने कहा, "राजभवन जैसे संवैधानिक स्थान पर किसी एक संगठन द्वारा प्रयुक्त प्रतीक को उपयोग में लाना उचित नहीं है।"

इसके बाद राज्य सरकार ने कार्यक्रम को सचिवालय के दरबार हॉल में स्थानांतरित कर दिया, जहां 11 बजे पर्यावरण दिवस समारोह आयोजित किया गया।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं:

  • भारतीय विचार केंद्र (RSS से जुड़ा संगठन) ने राज्यपाल का समर्थन करते हुए पूछा, "भारत माता का चित्र असंवैधानिक कैसे हो सकता है?" और यह भी कहा कि भारत माता हमारी सभ्यता का प्रतीक है। संगठन ने अबनिंद्रनाथ ठाकुर द्वारा बनाई गई भारत माता की ऐतिहासिक पेंटिंग और श्री अरविंद के विचारों का हवाला दिया।
  • विपक्ष के नेता वी. डी. सतीसन (कांग्रेस) ने कहा कि राजभवन को आरएसएस का मुख्यालय नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले राजभवन में आरएसएस विचारक एस. गुरुमूर्ति को बुलाया गया था, जिन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां की थीं।
  • सीपीआई (एम) राज्य सचिव एम. वी. गोविंदन ने इस चित्र को विवादित और साम्प्रदायिक प्रतीक बताते हुए कहा कि सार्वजनिक संस्थानों में ऐसे प्रतीकों का स्थान नहीं होना चाहिए।

निष्कर्ष:
भारत माता के चित्र को लेकर खड़ा हुआ यह विवाद केरल की राजनीति में संविधान, परंपरा और विचारधारात्मक प्रतीकों के टकराव को सामने लाता है। जहां राज्यपाल सांस्कृतिक मूल्यों पर जोर दे रहे हैं, वहीं राज्य सरकार संवैधानिक निष्पक्षता की बात कर रही है। यह टकराव राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच पहले से जारी खींचतान को और गहरा करता प्रतीत हो रहा है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।