हेट-स्पीच केस: सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनौली को जमानत न देने पर कलकत्ता हाईकोर्ट के जज को मिली मौत की धमकियाँ

एक हेट-स्पीच मामले में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनौली को अंतरिम जमानत देने से इनकार करने के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति पार्थ सारथी चटर्जी को X (पूर्व में ट्विटर) पर जान से मारने की धमकियाँ दी गईं,,

हेट-स्पीच केस: सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनौली को जमानत न देने पर कलकत्ता हाईकोर्ट के जज को मिली मौत की धमकियाँ
06-06-2025 - 11:17 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

कोलकाता। एक हेट-स्पीच मामले में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनौली को अंतरिम जमानत देने से इनकार करने के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति पार्थ सारथी चटर्जी को X (पूर्व में ट्विटर) पर जान से मारने की धमकियाँ दी गईं। मंगलवार को जमानत याचिका खारिज होने के बाद कई X अकाउंट्स से जज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गईं और उनके खिलाफ गाली-गलौज की बाढ़ सी आ गई।

इनमें से ज्यादातर अकाउंट छद्म नामों से थे और उन्होंने प्रोफाइल पिक्चर के तौर पर अप्रासंगिक तस्वीरें लगाई हुई थीं।

  • एक यूज़र ने लिखा कि “जज को अनजान बंदूकधारी की जरूरत है”,
  • तो एक अन्य ने कहा “जहाँ भी दिखे, जनता को ही देख लेना चाहिए...।”
    कुछ यूज़र्स ने तो न्यायाधीश का पता और फोन नंबर तक माँगा।
    कुछ ने जज के कोर्ट रूम की स्क्रीनशॉट्स, उनके बायोडाटा (जो पहले NGT की वेबसाइट पर था), और उनकी शिक्षा (हुगली मोहसिन कॉलेज के छात्र रहे हैं) की जानकारी साझा की। इसी कॉलेज में 'वंदे मातरम' लिखने वाले बंकिमचंद्र चटर्जी भी पढ़े थे।

इन धमकियों के बाद कई X यूज़र्स ने इन पोस्ट्स को कोलकाता पुलिस को टैग कर रिपोर्ट किया, लेकिन पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा और जॉइंट CP (क्राइम) रूपेश कुमार ने टाइम्स ऑफ इंडिया के कॉल्स और मैसेज का जवाब नहीं दिया। हाईकोर्ट की रजिस्ट्रार जनरल नबनीता रे ने कहा कि यह मामला 9 जून के बाद देखा जाएगा जब अदालत अवकाश के बाद खुलेगी।

छात्रा को छुट्टी खंडपीठ से मिली अंतरिम जमानत

गुरुवार को हाईकोर्ट की छुट्टी खंडपीठ ने पुणे की सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी की चौथे वर्ष की लॉ छात्रा को अंतरिम जमानत दी, जिसे धार्मिक भावनाएँ आहत करने वाले एक वीडियो के लिए गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने छात्रा को आगे से सतर्क रहने और संवेदनशील टिप्पणी न करने की सलाह दी।

कोर्ट ने निर्देश दिया कि छात्रा:

  • अपना पासपोर्ट अलीपुर कोर्ट में जमा करे,
  • जाँच में सहयोग दे,
  • बिना अनुमति देश से बाहर न जाए, चाहे पढ़ाई के लिए ही क्यों न हो।

छात्रा के वकील ने बताया कि वह 30 मई से कोलकाता की जेल में बंद थी और 9 जून से उसकी परीक्षाएँ शुरू हो रही हैं

गिरफ्तारी और अदालत की टिप्पणियाँ

  • छात्रा को "ऑपरेशन सिंदूर" के बाद सांप्रदायिक घृणा फैलाने वाले बयान और इंस्टाग्राम वीडियो के लिए गिरफ्तार किया गया था।
  • उसकी जमानत याचिका 3 जून को जस्टिस पार्थ सारथी चटर्जी के समक्ष दायर की गई थी, जिन्होंने राज्य से केस डायरी माँगी थी
  • गुरुवार को जस्टिस राजा बसु चौधरी की छुट्टी पीठ ने इस मामले की सुनवाई की और पाया कि 22 मई को जारी गिरफ्तारी वारंट "यांत्रिक तरीके से" जारी किया गया था और उसमें कई खामियाँ थीं

न्यायालय ने यह भी कहा कि गिरफ्तारी वारंट में गिरफ्तारी के आधार का स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं था, जबकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार यह जानकारी आरोपी को दी जानी चाहिए।

कोर्ट ने छात्रा को ₹10,000 के निजी मुचलके पर जमानत दी और पुलिस को उसे सुरक्षा देने का आदेश दिया क्योंकि उसने धमकियों की शिकायत की थी।

सरकार का विरोध और छात्रा की दलीलें

  • एडवोकेट जनरल किशोर दत्ता ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि छात्रा को ट्रांजिट रिमांड पर लाया गया था और अलीपुर कोर्ट ने पहले उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, साथ ही उसे 13 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था
  • उन्होंने यह भी बताया कि

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।