लखनऊ स्टेशन ब्लास्ट साजिश नाकाम, यूपी ATS ने पाकिस्तानी कनेक्शन वाले आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़; 4 गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनऊ रेलवे स्टेशन को निशाना बनाने की साजिश को नाकाम कर दिया। एजेंसी ने पाकिस्तान से जुड़े एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार..
लखनऊ। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनऊ रेलवे स्टेशन को निशाना बनाने की साजिश को नाकाम कर दिया। एजेंसी ने पाकिस्तान से जुड़े एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
ATS के अनुसार, यह मॉड्यूल पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के निर्देश पर देश में आगजनी, तोड़फोड़ और दहशत फैलाने की साजिश रच रहा था। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क में थे।
मुख्य आरोपी मेरठ का, कई शहरों में की रेकी
मुख्य आरोपी साकिब उर्फ ‘डेविल’ (मेरठ निवासी) बताया गया है, जो अपने साथियों के साथ देशविरोधी गतिविधियों में शामिल था।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने गाजियाबाद, अलीगढ़ और लखनऊ में कई महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी की थी। इनके निशाने पर रेलवे सिग्नल बॉक्स, सरकारी संस्थान, गैस सिलेंडर ले जा रहे ट्रक और अन्य महत्वपूर्ण ठिकाने थे।
ATS ने बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर्स आरोपियों को गूगल लोकेशन के जरिए टारगेट भेजते थे, जिनके आधार पर ये लोग जगहों का चयन करते थे।
आगजनी कर बनाते थे वीडियो, मिलती थी फंडिंग
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने कुछ जगहों पर छोटी-छोटी आगजनी की घटनाएं अंजाम दीं और उनके वीडियो बनाकर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजे।
इसके बदले उन्हें QR कोड के जरिए फंडिंग मिलती थी, जिससे एक संगठित नेटवर्क होने के संकेत मिलते हैं।
सोशल मीडिया से युवाओं का कट्टरपंथीकरण
ATS के अनुसार, पाकिस्तान से जुड़े तत्व सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथी बनाने की कोशिश कर रहे थे। इसके लिए “ओसामा बिन लादेन”, “फरहतुल्लाह गोरी”, “कश्मीर मुजाहिदीन” और “गजवा-ए-हिंद” जैसे नामों से सामग्री प्रसारित की जा रही थी।
2 अप्रैल को थी बड़ी साजिश
ATS के मुताबिक, 2 अप्रैल 2026 को यह मॉड्यूल लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास आगजनी और संभावित विस्फोट की घटना को अंजाम देने की तैयारी में था।
समय रहते ATS ने मौके पर पहुंचकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और साजिश को विफल कर दिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साकिब उर्फ डेविल, विकास गहलावत उर्फ रौनक, लोकेश उर्फ पपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू और अरबाब के रूप में हुई है।
बरामद हुआ खतरनाक सामान
कार्रवाई के दौरान ATS ने आरोपियों के पास से ज्वलनशील पदार्थ से भरा एक कैन, सात मोबाइल फोन, 24 पर्चे और आधार कार्ड बरामद किए हैं।
गंभीर धाराओं में केस दर्ज
इस मामले में लखनऊ के ATS थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 148, 152, 61(2) और Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) की धारा 13 और 18 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ATS का कहना है कि इस मॉड्यूल का उद्देश्य देश में भय और आतंक फैलाना, आर्थिक नुकसान पहुंचाना और सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाना था।
What's Your Reaction?