'बहुत बड़ी गलती की है': खामेनेई ने इज़राइल को दी सज़ा की चेतावनी, अमेरिकी हमले का नहीं किया ज़िक्र

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने इज़राइल को गंभीर चेतावनी देते हुए कहा है कि "सज़ा जारी है", लेकिन उन्होंने अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों का कोई ज़िक्र नहीं किया..

'बहुत बड़ी गलती की है': खामेनेई ने इज़राइल को दी सज़ा की चेतावनी, अमेरिकी हमले का नहीं किया ज़िक्र
23-06-2025 - 02:26 PM

तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने इज़राइल को गंभीर चेतावनी देते हुए कहा है कि "सज़ा जारी है", लेकिन उन्होंने अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों का कोई ज़िक्र नहीं किया। यह बयान अमेरिका द्वारा रविवार को ईरान के तीन परमाणु स्थलोंफोर्दो, नतांज़ और इस्फहान  पर किए गए हमले के बाद आया है।

सोशल मीडिया मंच X (पूर्व में ट्विटर) पर ईरानी सर्वोच्च नेता के आधिकारिक अकाउंट से जारी पोस्ट में कहा गया:

सज़ा जारी है। यहूदीवादी (ज़ायनिस्ट) दुश्मन ने बहुत बड़ी गलती की है, एक गंभीर अपराध किया है; उसे सज़ा दी जानी चाहिए — और दी जा रही है। सज़ा अभी दी जा रही है।”

अमेरिका ने चलाया ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’

इससे पहले अमेरिका ने ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमरके तहत ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। वाइट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा:

हमारा उद्देश्य ईरान की परमाणु संवर्धन क्षमता को नष्ट करना और उस परमाणु खतरे को रोकना था, जो दुनिया के सबसे बड़े आतंक प्रायोजक देश द्वारा पैदा हो रहा है।”

ट्रंप ने आगे चेतावनी दी:

मध्य-पूर्व का गुंडा ईरान अब शांति बनाए। यदि उसने ऐसा नहीं किया, तो भविष्य में हमले और भी बड़े और आसान होंगे।”

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र का दरवाज़ा खटखटाया

ईरान ने अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उल्लंघन का आरोप लगाया है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपात बैठक की मांग की है। ईरान ने कहा कि वह आत्मरक्षा के सभी विकल्प सुरक्षित रखता है।”

हालांकि खामेनेई के बयान में अमेरिका के हमले का कोई सीधा उल्लेख नहीं था, लेकिन सरकार की ओर से दी गई प्रतिक्रिया में वाशिंगटन की आलोचना साफ देखी गई।

वैश्विक प्रतिक्रिया: अमेरिका समर्थक बनाम विरोधी

जहां ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और कुछ अन्य पश्चिमी देशों ने ईरान पर अमेरिकी हमले का समर्थन किया है, वहीं रूस, तुर्की, चीन और पाकिस्तान जैसे देशों ने ट्रंप प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि अमेरिका को ईरान-इज़राइल संघर्ष में इस तरह हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए था।

इस घटनाक्रम से मध्य-पूर्व में तनाव और अधिक बढ़ गया है, और अब दुनिया की निगाहें इस पर टिकी हैं कि आगे कौन सा पक्ष क्या कदम उठाएगा।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।