सौरव गांगुली ने जताई टीम इंडिया के कोच बनने में दिलचस्पी: “इस पर कभी गंभीरता से नहीं सोचा...”
भारत के सबसे सफल कप्तानों में शुमार सौरव गांगुली ने संकेत दिया है कि वे भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कोच बनने के लिए खुले मन से तैयार हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि अभी तक उन्होंने इस विषय में गहराई से विचार नहीं किया..
कोलकाता। भारत के सबसे सफल कप्तानों में शुमार सौरव गांगुली ने संकेत दिया है कि वे भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कोच बनने के लिए खुले मन से तैयार हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि अभी तक उन्होंने इस विषय में गहराई से विचार नहीं किया था।
गांगुली, जो जुलाई में 53 वर्ष के होने जा रहे हैं, 2018 से 2024 के बीच दिल्ली कैपिटल्स के टीम डायरेक्टर की भूमिका में काम कर चुके हैं।
एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “मैंने इस बारे में कभी वास्तव में नहीं सोचा क्योंकि मैं दूसरे रोल्स में व्यस्त हो गया था। मैंने 2013 में प्रतिस्पर्धात्मक क्रिकेट छोड़ा और फिर बीसीसीआई का अध्यक्ष बन गया।”
गांगुली ने अपने बीसीसीआई अध्यक्ष कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उनका सबसे बड़ा योगदान महिला क्रिकेट को बढ़ावा देना रहा।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कोच बनकर और बड़ा योगदान दे सकते थे, तो उन्होंने कहा, “देखते हैं भविष्य में क्या होता है। मैं अभी केवल 50 (53) का हूं, तो देखते हैं क्या होता है। मैं इसके लिए तैयार हूं। समय बताएगा।”
गौतम गंभीर को सराहा
गांगुली ने मौजूदा कोच गौतम गंभीर की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अच्छी शुरुआत की है, खासकर इस साल दुबई में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद। उन्होंने कहा,
“गौतम अच्छा काम कर रहे हैं। शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड से हार जरूर मिली, लेकिन बाद में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया। इंग्लैंड के खिलाफ यह एक बड़ी सीरीज़ होने वाली है।”
जब गांगुली से गंभीर की रणनीतिक समझ के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “मैंने उन्हें कोच के रूप में बहुत नज़दीक से नहीं देखा है लेकिन मुझे पता है कि वह बेहद जुनूनी हैं। वह बहुत साफ-सुथरी सोच रखते हैं, टीम और खिलाड़ियों को लेकर उनकी राय खुलकर सामने आती है। बाहर से देखने पर साफ लगता है कि वह ईमानदार और पारदर्शी इंसान हैं जैसे हैं, वैसे ही दिखते हैं।”
गांगुली ने याद किए अपने खिलाड़ी दिन
गांगुली ने अपने खिलाड़ी के दिनों को याद करते हुए कहा, “मैंने उनके साथ खेला है। वह बहुत अच्छे इंसान थे और सीनियर खिलाड़ियों के लिए बहुत सम्मान रखते थे। आज भी मैं देखता हूं कि वह अपने काम को लेकर बेहद समर्पित हैं।”
गांगुली ने यह भी कहा कि गंभीर को सीखने और विकसित होने के लिए समय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। उन्हें कोचिंग का काम शुरू किए हुए सिर्फ एक साल हुआ है। ऑस्ट्रेलिया दौरे में थोड़ी मुश्किलें आईं, लेकिन जैसे हर कोई सीखता है, वह भी सीखेंगे, आगे बढ़ेंगे और और बेहतर बनेंगे।”
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