“पैसा कहाँ से आ रहा है?” कांग्रेस ने उठाए आरएसएस की फंडिंग पर सवाल, कहा– पंजीकरण से बच रही है संस्था

कांग्रेस पार्टी ने आरएसएस की पारदर्शिता और वैधानिक स्थिति को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। कांग्रेस नेताओं ने जहाँ संगठन की फंडिंग और जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं, वहीं भाजपा ने आरएसएस को “देश निर्माण में सक्रिय स्वयंसेवी संगठन” बताते हुए उसके बचाव में मोर्चा संभाल लिया..

“पैसा कहाँ से आ रहा है?”  कांग्रेस ने उठाए आरएसएस की फंडिंग पर सवाल, कहा– पंजीकरण से बच रही है संस्था
23-10-2025 - 11:14 AM

बेंगलुरु। कांग्रेस पार्टी ने आरएसएस की पारदर्शिता और वैधानिक स्थिति को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। कांग्रेस नेताओं ने जहाँ संगठन की फंडिंग और जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं, वहीं भाजपा ने आरएसएस को “देश निर्माण में सक्रिय स्वयंसेवी संगठन” बताते हुए उसके बचाव में मोर्चा संभाल लिया है।

कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे और वरिष्ठ कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद ने बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की फंडिंग और कानूनी स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि आरएसएस ने खुद को कानूनी रूप से पंजीकृत (Registered) नहीं कराया है, ताकि वह सरकारी कानूनों और विनियमों के दायरे से बाहर रह सके।

प्रियंक खड़गे ने कहा, अगर कोई मेरे सामने आरएसएस का पंजीकरण दिखा दे कि यह एक रजिस्टर्ड संगठन है, तो बात वहीं खत्म हो जाएगी।”

उन्होंने सवाल उठाया, इस अपंजीकृत संगठन के लिए पैसा कहाँ से आ रहा है? कपड़े सिलवाने, मार्च निकालने, ढोल-ताशे खरीदने और इमारतें बनाने के लिए पैसा कहाँ से आ रहा है? अगर आप रजिस्टर्ड नहीं हैं, तो पैसा कैसे आ रहा है?”

सार्वजनिक स्थलों पर RSS गतिविधियों पर रोक की मांग

प्रियंक खड़गे ने इसी महीने की शुरुआत में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखकर सार्वजनिक स्थलों पर आरएसएस की गतिविधियों पर रोक लगाने और सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की थी, जो संघ से जुड़े हैं।

उन्होंने आगे कहा, आरएसएस इसलिए पंजीकृत नहीं है क्योंकि अगर वह रजिस्टर्ड हो जाए, तो उसे टैक्स चुकाना पड़ेगा, कंपनी रजिस्ट्रार, सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट और एनजीओ एक्ट के तहत जवाबदेह होना पड़ेगा। उसे विदेशी और निजी दान के साथ घरेलू फंडिंग की जानकारी साझा करनी पड़ेगी। यही कारण है कि वह पंजीकृत नहीं हो रहा।”

सौ साल से फंडिंग का हिसाब नहीं दिया” — हरिप्रसाद

कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद ने भी खड़गे की बात का समर्थन करते हुए कहा कि आरएसएस अपने फंडिंग स्रोतों और गतिविधियों पर कानूनी व सार्वजनिक जांच से बचा हुआ है क्योंकि वह पंजीकृत संस्था नहीं है।

उन्होंने कहा, किसी संगठन की फंडिंग की जानकारी माँगने के लिए उसका पंजीकृत होना आवश्यक है। कांग्रेस पार्टी और भाजपा दोनों ही भारत निर्वाचन आयोग में पंजीकृत हैं, लेकिन आरएसएस कहाँ पंजीकृत है?”

हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि आरएसएस का फंड इकट्ठा करने का तरीका “गुरु दक्षिणाके रूप में होता है, जो विजयदशमी के अवसर पर लोग लिफाफे में दान के रूप में देते हैं।
उन्होंने सवाल उठाया, क्या आरएसएस ने पिछले सौ सालों में इस तरह इकट्ठा हुए धन का कभी हिसाब दिया है? वहाँ काला धन है। क्या ईडी, आयकर विभाग या सीबीआई ने कभी इस पर छापा मारा है? यह पैसा किसके लिए इस्तेमाल हो रहा है? उन्होंने 700 करोड़ रुपये की इमारत बना ली — यह पैसा कहाँ से आया? यह सब गैरकानूनी है। उन्हें रजिस्टर्ड होना चाहिए।”

भाजपा का जवाब — “हर संगठन का रजिस्टर्ड होना जरूरी नहीं”

वहीं भाजपा नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सीएन अश्वथ नारायण ने कांग्रेस नेताओं की आलोचना को खारिज करते हुए कहा, हर संगठन का पंजीकृत होना जरूरी नहीं है। लोकतंत्र में हर व्यक्ति और संगठन को कानूनी और संवैधानिक ढंग से अपने कार्य करने की स्वतंत्रता है। आरएसएस एक स्वैच्छिक संगठन है, जो देश के सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक उत्थान के लिए काम करता है।”

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।