'होली पर मुसलमान घर से न निकलें अगर...' : संभल CO के बयान पर विवाद, जुमे को लेकर टिप्पणी से बढ़ा बवाल

होली और रमज़ान को लेकर संभल के सर्कल अधिकारी (CO) अनुज चौधरी की टिप्पणी ने विवाद खड़ा कर दिया है। मुसलमानों के लिए पवित्र रमज़ान का महीना खास महत्व रखता है और इस साल रमज़ान का दूसरा जुम्मा 1 मार्च को है, जो होली के दिन पड़ रहा है।

'होली पर मुसलमान घर से न निकलें अगर...' : संभल CO के बयान पर विवाद, जुमे को लेकर टिप्पणी से बढ़ा बवाल
08-03-2025 - 09:40 AM

संभल। होली और रमज़ान को लेकर संभल के सर्कल अधिकारी (CO) अनुज चौधरी की टिप्पणी ने विवाद खड़ा कर दिया है। मुसलमानों के लिए पवित्र रमज़ान का महीना खास महत्व रखता है और इस साल रमज़ान का दूसरा जुम्मा 1 मार्च को है, जो होली के दिन पड़ रहा है। इस बीच अनुज चौधरी के बयान ने तूल पकड़ लिया है, जिसमें उन्होंने मुस्लिम समुदाय को सुझाव दिया कि अगर वे होली के जश्न से असहज महसूस करते हैं तो वे घर से बाहर न निकलें।

'साल में 52 बार आता है जुम्मा, होली एक बार'

इस मुद्दे पर बात करते हुए CO अनुज चौधरी ने कहा, "जुम्मा साल में 52 बार आता है, जबकि होली साल में केवल एक बार। अगर मुस्लिम समुदाय के लोगों को लगता है कि होली के रंग उनके धार्मिक विश्वासों को प्रभावित कर सकते हैं, तो उन्हें उस दिन घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। हालांकि, अगर कोई शरारती तत्व होली के दौरान उपद्रव करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हम संभल में शांति भंग नहीं होने देंगे।"

उन्होंने आगे कहा, "अगर आप होली के दिन बाहर निकलने का फैसला करते हैं, तो आपके मन में सबके लिए समानता की भावना होनी चाहिए। जिस तरह मुस्लिम समुदाय साल भर ईद का इंतजार करता है, उसी तरह हिंदू समुदाय होली का इंतजार करता है। होली रंग खेलने और मिठाई बांटने का त्योहार है, जबकि ईद खास पकवान बनाकर और अपनों से मिलने का त्योहार है। आपसी सम्मान ही शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की कुंजी है।"

रमज़ान का विशेष महत्व

इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, पवित्र रमज़ान का महीना 2 मार्च 2025 से शुरू हुआ है। इस दौरान चार जुम्मे खास धार्मिक महत्व रखते हैं।

तारीख

रमज़ान का जुम्मा

7 मार्च

पहला जुम्मा

14 मार्च

दूसरा जुम्मा

21 मार्च

तीसरा जुम्मा

28 मार्च

चौथा जुम्मा

ये दिन विशेष नमाज़ और अल्लाह की इबादत के लिए समर्पित होते हैं।

'यूपी में हिटलरशाही'

हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने अनुज चौधरी के बयान का समर्थन करते हुए कहा, "यह बयान देश के लिए अच्छा है। जो लोग होली खेलना चाहते हैं, वे बाहर आएं। जो उपद्रव करना चाहते हैं, वे घर में बैठें। अगर कोई जिहादी दंगा भड़काना चाहता है, तो बेहतर है कि पुलिस अधिकारी पहले ही उन्हें घर में बैठने की चेतावनी दे दे।"

हालांकि, ऑल इंडिया उलमा मशाइख बोर्ड के प्रवक्ता हाफिज सरवर ने चौधरी के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा, "किसी सरकारी अधिकारी को ऐसी बातें नहीं कहनी चाहिए। इससे पहले यूपी के मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रमोद शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी की तुलना भगवान राम से की थी और खुद को वानर सेना का सदस्य बताया था। अधिकारियों को ऐसे बयान देने के बजाय दोनों समुदायों के साथ बैठकर मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।"

वहीं, दीपक रंजन ने चौधरी के बयान को हिटलर जैसे तानाशाही शासक की मानसिकता का प्रतिबिंब बताया।

जांच के आदेश संभव

इस विवाद को बढ़ता देख प्रशासन ने पूरे मामले पर नजर बनाए रखी है। हालांकि, अब तक CO अनुज चौधरी के खिलाफ किसी भी जांच के आदेश जारी नहीं किए गए हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।